कोटा: सुमतिनाथ जैन मंदिर प्रतिष्ठा महोत्सव में निकला भव्य वरघोड़ा
खजांची स्ट्रीट स्थित मंदिर के पांच दिवसीय महोत्सव के तहत शोभायात्रा में हाथी, घोड़े और सांस्कृतिक नृत्यों के साथ उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब।

कोटा के खजांची स्ट्रीट स्थित श्री सुमतिनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर में प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में शामिल समाज के लोग और अतिथि।
श्री सुमतिनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर में आयोजित पांच दिवसीय प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत गुरुवार को निकला भव्य वरघोड़ा पूरे शहर के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा और शोभायात्रा का दृश्य जिसने भी देखा, वह ठहरकर निहारता रह गया।
मंदिर परिसर स्टेशन क्षेत्र से प्रारंभ हुई यह विशाल शोभायात्रा हाथी, घोड़े, ऊंट और बग्गियों के साथ नगर भ्रमण पर निकली। बग्गियों पर विराजमान यजमानों के हाथों में भगवान की प्रतिमाएं थीं, जिन्हें पूरे शहर में भ्रमण कराया गया। श्रद्धालुओं ने प्रतिमाओं के दर्शन कर नमन किया। कच्छी घोड़ी और कालबेलिया नृत्य ने शोभायात्रा को और अधिक आकर्षक बना दिया। सबसे आगे जैन संत चल रहे थे, उनके पीछे नृत्य करते युवा-युवतियां और समाजजन का विशाल कारवां भक्तिमय वातावरण में आगे बढ़ता रहा।
मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। स्वागत द्वार सजाए गए और श्रद्धालुओं के लिए छाछ, सौंफ-मिश्री का शर्बत, शीतल जल तथा प्रसाद का वितरण किया गया। समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए, जहां पुरुष सफेद कुर्ता-पजामा और युवा पीले परिधान में नजर आए। धार्मिक झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं और भजन, धार्मिक गीत तथा बैंड की धुनों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। जैन पताकाएं पूरे मार्ग में लहराती रहीं।
श्री सुमतिनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर संघ खजांची स्ट्रीट कोटा के हर्षवर्धन, जितेन्द्र एवं राजेश चतर ने बताया कि शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता पंकज मेहता और नगर भाजपा अध्यक्ष राकेश जैन भी इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। शोभायात्रा में शुभंकारी शुभ निश्रा श्री नव-अपूर्व-अमर कृपापात्र प.पू बंधु त्रिपुटी मुनिराज प. पू. मुनिराज श्री आगम-प्रशम-वजरत्नसागर जी म.सा तथा प्रेरणादात्री प.पू. वर्धमान तपोनिधि साध्वीवर्या श्री कल्पद्रुपा श्रीजी म.सा की उपस्थिति रही। साथ ही सिरोही निवासी शासनरत्न श्री मनोज कुमार जी बाबूमल जी हरण का विशिष्ट मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
इससे पूर्व गुरुवार प्रातः देव-देवी पूजन, देव-देवी हवन, परिकर विधान, नवकारसी, प्रतिष्ठा संबंधी चढ़ावे, स्वामीवात्सल्य, 108 जोड़ों द्वारा श्री मणिभद्र वीर महापूजन, मेहंदी एवं सांझी, स्वामी वात्सल्य, कुमारपाल राजा द्वारा 108 दीपक से आरती और प्रभुभक्ति जैसे धार्मिक आयोजन संपन्न हुए। जितेन्द्र खजांची ने बताया कि 1 मई को नवकारसी के बाद महामंगलकारी प्रतिष्ठा विधान आयोजित होगा, जिसके पश्चात फले चुंदड़ी, श्री शांतिस्नात्र पूजन, आरती और प्रभुभक्ति के कार्यक्रम होंगे। 2 मई को महोत्सव का समापन किया जाएगा।
भव्य वरघोड़ा और धार्मिक आयोजनों ने न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को प्रगाढ़ किया, बल्कि शहर में सांस्कृतिक और धार्मिक ऊर्जा का अनूठा संचार भी किया।

Pratahkal Bureau
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