कोटा। हर साल लाखों छात्र आईआईटी और एनआईटी जैसी शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश की तैयारी करते हैं, लेकिन सीमित सीटों के कारण सभी को सफलता नहीं मिल पाती। इसी चिंता और सवाल का समाधान देने के लिए मोशन एजुकेशन ने बुधवार को द्रोणा-2 कैंपस में दो दिवसीय निशुल्क शिक्षा महोत्सव एजुकेशन करियर फेयर का आयोजन किया। पहले ही दिन हजारों छात्रों की भीड़ ने इस फेयर में भाग लिया और विभिन्न करियर विकल्पों पर जानकारी हासिल की।

उद्घाटन अवसर पर मोशन एजुकेशन के चेयरमैन सुरेंद्र विजय ने कहा कि कोटा आने वाले छात्र केवल पढ़ाई ही नहीं करते, बल्कि मेहनत और आत्मविश्वास की सीख भी हासिल करते हैं। उन्होंने कहा कि करियर केवल एक रास्ते का नाम नहीं, बल्कि कई विकल्पों का मिश्रण है, और सही समय पर सही दिशा पाना बेहद आवश्यक है। एजुकेशन करियर फेयर छात्रों को न केवल विकल्पों की जानकारी देता है, बल्कि यह भी समझाता है कि किस मार्ग पर चलने से भविष्य सुरक्षित और मजबूत बन सकता है। इस अवसर पर मोशन के जेईई डिवीजन के हेड रामरतन द्विवेदी और नीट डिवीजन के हेड अमित वर्मा भी उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि करीब 15 लाख छात्र जेईई परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन सभी को आईआईटी या एनआईटी में प्रवेश नहीं मिल सकता। हालांकि, इंजीनियरिंग और अन्य क्षेत्रों में करियर बनाने के कई विकल्प मौजूद हैं।

इस शिक्षा महोत्सव में कुल 28 प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय और कॉलेज शामिल हुए, जिनमें लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी-पंजाब, एमआईटी आर्ट, डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी-महाराष्ट्र, डीम्ड यूनिवर्सिटी ग्राफिक एरा-उत्तराखंड, केआईईटी-गाजियाबाद और पारुल यूनिवर्सिटी-गुजरात प्रमुख हैं। सभी संस्थानों ने स्टॉल लगाए, जहां विशेषज्ञों ने छात्रों को कोर्स, करियर अवसर और उद्योग की वर्तमान जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम में बदलाव की जानकारी दी।

इंजीनियरिंग के पारंपरिक बीटेक कोर्स के साथ-साथ एआई, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, डेटा साइंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे टेक्नोलॉजी कोर्स में छात्रों की रुचि विशेष रूप से बढ़ी। मैनेजमेंट और फार्मा सेक्टर के स्टॉल पर भी भारी भीड़ रही। डिजिटल मार्केटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, लॉ, फाइनेंस और डिजाइनिंग जैसे कोर्स छात्रों के बीच चर्चा में रहे।

काउंसलर्स ने बताया कि अब कंपनियां केवल डिग्री नहीं, बल्कि स्किल्ड स्टूडेंट्स की तलाश कर रही हैं, इसलिए विश्वविद्यालयों ने पाठ्यक्रम को उद्योग की जरूरतों के अनुसार अपडेट किया है। कई संस्थानों ने स्कॉलरशिप, मेरिट आधारित छूट और फीस डिस्काउंट की भी जानकारी दी, जिससे छात्रों की भागीदारी और उत्साह बढ़ा।

छात्रों ने भी प्लान बी के महत्व को समझा। विवेक सिंह ने बताया कि उन्हें डर था कि आईआईटी या एनआईटी में प्रवेश नहीं मिला तो भविष्य खत्म हो जाएगा, लेकिन फेयर में उन्हें कई प्राइवेट यूनिवर्सिटी के बेहतरीन विकल्प और स्कॉलरशिप के अवसर दिखाई दिए। सेजल ने कहा कि यह पहला मौका था जब उन्हें पता चला कि प्लान बी वास्तव में क्या होता है और यह किसी की दिशा बदल सकता है।

Pratahkal Bureau

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