कोटा, 18 अक्टूबर। राष्ट्रीय बीज निगम (एनएससी) से महंगे दामों पर खरीदे गए सोयाबीन के बीज में 70 फीसदी तक मिलावट पाए जाने के आरोप के बाद भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे ने किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर रबी फसलों की बुवाई से पहले किसानों को रियायती दरों पर उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने की मांग की है। मनोज दुबे ने कहा कि मिलावटी बीज, खाद और कीटनाशकों के कारण प्रदेश के किसान भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं।

मनोज दुबे ने राष्ट्रीय बीज निगम से खरीदे गए सोयाबीन के महंगे बीज में मिलावट को किसानों के साथ धोखा और घोर निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि किसान अच्छी पैदावार की उम्मीद में एनएससी से महंगे दामों पर सोयाबीन का बीज खरीदते हैं, लेकिन बीज में 70 फीसदी तक मिलावट पाए जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे किसानों की फसल का उत्पादन प्रभावित हुआ है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने सरकार से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीज, खाद और कीटनाशकों में मिलावट तथा इनके वितरण में अनियमितताओं से किसानों में भारी आक्रोश है। बीज, खाद और कीटनाशकों के नाम पर खुलेआम हो रही मिलावट किसानों के साथ छलावा है। किसानों को बेहतर उत्पादन की उम्मीद में गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री खरीदने के बावजूद नुकसान उठाना पड़ रहा है।

मनोज दुबे ने कहा कि राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के औचक निरीक्षणों में बीज, खाद और पेस्टिसाइड की गुणवत्ता से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। इसके बावजूद भाजपा सरकार प्रदेश के किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज, खाद, उर्वरक और कीटनाशक उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज, खाद, उर्वरक और कीटनाशक उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है, ताकि आर्थिक कारणों से कोई भी किसान बेहतर बीजों से वंचित न रहे। निर्धारित दरों पर उच्च गुणवत्ता वाले बीज, खाद और पेस्टिसाइड उपलब्ध कराने में राज्य सरकार की विफलता निराशाजनक है।

मनोज दुबे ने कहा कि खेती की सफलता की पहली शर्त गुणवत्तापूर्ण बीज है। किसानों को समय पर प्रमाणित एवं उन्नत बीज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। गुणवत्तापूर्ण बीजों के इस्तेमाल से फसलों की उत्पादकता बढ़ाने, खेती की लागत नियंत्रित करने और किसानों की आय में सुधार करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने सरकार से बीज, खाद और कीटनाशकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, कालाबाजारी के खिलाफ शून्य सहनशीलता नीति के तहत ठोस एवं सार्थक कदम उठाने तथा प्रदेश में अमानक खाद, बीज और पेस्टिसाइड बनाने वाली फर्मों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने रबी फसलों की बुवाई से पहले किसानों को रियायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने और मिलावटी कृषि सामग्री से प्रभावित किसानों को राहत देने पर जोर दिया।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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