श्रुत पंचमी महोत्सव: आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी के सान्निध्य में गूंजा णमोकार महामंत्र का जाप
कोटा में श्रुत पंचमी महोत्सव की भक्तिमयी धूम, गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी के सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने किया णमोकार महामंत्र का जाप। जिनवाणी के इस महापर्व में अब भव्य शोभायात्रा की तैयारी, जानें क्या है इस आयोजन का आध्यात्मिक महत्व।

कोटा में श्रुत पंचमी महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान उपस्थित समाज के गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु।
कोटा की पावन धरा पर इन दिनों श्रुत पंचमी महोत्सव के उपलक्ष्य में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है, जहाँ श्रद्धालु पूरी निष्ठा और भक्तिभाव के साथ जिनवाणी के अनुष्ठानों में सम्मिलित हो रहे हैं। यह गरिमामयी आयोजन भारत गौरव गणिनी आर्यिका रत्न 105 श्री स्वस्ति भूषण माताजी (ससंघ) के पावन सान्निध्य में संपन्न हो रहा है, जो धर्म प्रेमियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बना हुआ है। हाल ही में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से णमोकार महामंत्र का जाप कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी ने अपने मंगल प्रवचनों के माध्यम से श्रुत पंचमी के दार्शनिक और ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि 'श्रुत' का अर्थ केवल सुनना नहीं, बल्कि जिनवाणी को आत्मसात करना है। माताजी ने विस्तारपूर्वक बताया कि किस प्रकार भगवान महावीर की दिव्य वाणी को गणधरों ने श्रवण किया और गुरु-शिष्य परंपरा के माध्यम से इसे युगों-युगों तक अक्षुण्ण रखा गया। उन्होंने विशेष रूप से आचार्य धरसेन स्वामी की प्रेरणा से आचार्य पुष्पदंत एवं आचार्य भूतबली द्वारा षट्खंडागम के लिपिबद्ध किए जाने की ऐतिहासिक घटना को रेखांकित किया, जिसे जैन साहित्य की अमूल्य धरोहर माना जाता है। उन्होंने णमोकार महामंत्र को संपूर्ण द्वादशांग का सार बताते हुए कहा कि इसकी आराधना में ही आत्मिक कल्याण का मार्ग निहित है।
महोत्सव के अंतर्गत मंदिर परिसर में शास्त्र पूजन और ज्ञान के प्रति आस्था प्रदर्शित करते हुए शास्त्रों को भेंट करने का अनुष्ठान भी विधिपूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र गोधा और मंत्री पंकज खटोड़ ने जानकारी दी कि 20 जून को सुबह 7 बजे एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस शोभायात्रा के उपरांत सुबह 7:30 बजे से श्रुत पंचमी विधान का आयोजन किया जाएगा। इन धार्मिक कार्यक्रमों में सकल दिगंबर जैन समाज के महामंत्री पदम बड़ला, कार्याध्यक्ष पारस बज, कोषाध्यक्ष ताराचंद बड़ला सहित समाज के गणमान्य नागरिक और सेवानिवृत्त न्यायाधीश जितेंद्र कुमार एवं अन्य पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
यह महोत्सव केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि ज्ञान और धर्म के संरक्षण का एक जीवंत संकल्प है। जब श्रद्धालु शास्त्र पूजन के माध्यम से अपनी श्रद्धा निवेदित करते हैं, तो वे न केवल प्राचीन परंपराओं का निर्वहन करते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जैन दर्शन की अमूल्य धरोहर को सुरक्षित करने का एक सार्थक प्रयास भी करते हैं।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
