झालावाड़ रोड माहेश्वरी भवन में भागवत कथा के दौरान वामन अवतार प्रसंग का वर्णन
कोटा के माहेश्वरी भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान ध्रुव, प्रह्लाद और जड़भरत प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धार्मिक संस्कारों का संदेश दिया गया।
झालावाड़ रोड स्थित माहेश्वरी भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान वामन अवतार प्रसंग की प्रस्तुति देते कलाकार (बाएं से दाएं: राजा बलि और भगवान वामन के रूप में बच्चे)।
झालावाड़ रोड स्थित माहेश्वरी भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह के दौरान मंगलवार का दिन भक्ति, वैराग्य और आध्यात्मिक चिंतन से ओतप्रोत रहा। कथा व्यास द्वारा ध्रुव चरित्र, प्रह्लाद चरित्र, जड़भरत प्रसंग एवं भगवान वामन अवतार की कथाओं का ऐसा मार्मिक एवं प्रेरणादायी वर्णन किया गया कि उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
कथा के दौरान व्यासपीठ से श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल धार्मिक आस्था का ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य ज्ञान का अमूल्य स्रोत है। उन्होंने ध्रुव चरित्र के माध्यम से अटूट श्रद्धा, दृढ़ संकल्प और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया। वहीं प्रह्लाद चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी ईश्वर भक्ति और सत्य के मार्ग पर अडिग रहने वाला व्यक्ति अंततः विजय प्राप्त करता है।
जड़भरत प्रसंग के माध्यम से कथा व्यास ने वैराग्य, आत्मबोध और सांसारिक मोह से मुक्ति के महत्व को रेखांकित किया। इसके साथ ही भगवान वामन अवतार की कथा का वर्णन करते हुए धर्म की स्थापना, दान की महिमा और भगवान की दिव्य लीलाओं का विस्तृत संदेश श्रद्धालुओं तक पहुंचाया गया।
मुख्य यजमान भगवानदास माहेश्वरी एवं रमेश माहेश्वरी ने बताया कि कथा आयोजन का उद्देश्य समाज में धार्मिक, नैतिक एवं आध्यात्मिक संस्कारों का प्रसार करना है। कथा श्रवण के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ भगवान के गुणों और लीलाओं का रसपान किया।
कथा के समापन पर भव्य महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें भगवानदास माहेश्वरी, रमेश माहेश्वरी, सत्यनारायण माहेश्वरी, घनश्याम माहेश्वरी, स्वप्निल माहेश्वरी, रुचि माहेश्वरी, आशीष मंडोरा और सत्यनारायण सोमानी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आरती के पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
श्रीमद्भागवत कथा के इन प्रेरणादायी प्रसंगों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की, बल्कि जीवन में श्रद्धा, भक्ति, वैराग्य और धर्म के महत्व को भी गहराई से आत्मसात करने का संदेश दिया।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
