श्रीमद् भागवत कथा: कोटा के नागेश्वर महादेव मंदिर में कृष्ण विवाह प्रसंग पर उमड़ी भीड़
कुन्हाड़ी के अंबेडकर नगर में राधारमण शास्त्री ने श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह प्रसंग सुनाया, ब्राह्मणों को बताया भगवान और भक्त के बीच का सेतु।

कोटा के कुन्हाड़ी स्थित नागेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन श्रीकृष्ण विवाह प्रसंग के दौरान उपस्थित श्रद्धालु।
कोटा, 30 जनवरी। कुन्हाड़ी थाने के पीछे स्थित अंबेडकर नगर के नागेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली।
श्रीकृष्ण विवाह और रुक्मणी संदेश का प्रसंगकथा वाचक श्री राधारमण जी शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण के विवाह का प्रसंग सुनाते हुए माता रुक्मणी के संदेश की भावपूर्ण व्याख्या की। उन्होंने बताया कि:
- माता रुक्मणी ने अपना संदेश एक ब्राह्मण के माध्यम से द्वारकापुरी में भगवान श्रीकृष्ण तक पहुंचाया।
- इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने ब्राह्मणों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
श्री राधारमण जी शास्त्री ने कहा कि "ब्राह्मण सदैव भगवान और भक्तों के बीच सेतु का कार्य करता आया है।"
शास्त्री जी ने विस्तार से समझाया कि:
- ब्राह्मण जहां एक ओर भगवान की कथाओं और उपदेशों को आमजन तक पहुंचाते हैं।
- वहीं दूसरी ओर लोगों की पीड़ा, व्यथा और भावनाओं को भगवान तक पहुंचाने का कार्य भी करते हैं।
कथा के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा और श्रद्धालु भाव-विभोर होकर कथा श्रवण करते नजर आए।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
