कोटा: श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने घूंघट प्रथा खत्म करने का लिया संकल्प
जिला अध्यक्ष नीरू चौहान के नेतृत्व में राजपूत महिलाओं ने रूढ़िवादिता त्यागने और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक शपथ ली।

कोटा में आयोजित सामाजिक सुधार कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद जिला अध्यक्ष नीरू चौहान, शहर अध्यक्ष हेमलता सिंह गहलोत, आरएएस अधिकारी रूप कंवर और अन्य महिला पदाधिकारी।
राजस्थान की धरा पर सामाजिक सुधार और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के तत्वावधान में कोटा शहर में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस गौरवमयी आयोजन में राजपूत समाज ने सदियों पुरानी घूंघट (पर्दा) प्रथा को जड़ से समाप्त करने का सामूहिक संकल्प लेकर रूढ़िवादिता को त्यागने का उद्घोष किया। जिला अध्यक्ष नीरू चौहान एवं शहर अध्यक्ष हेमलता सिंह गहलोत के सशक्त नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज की महिलाओं, नवयुवतियों और बालिकाओं ने अभूतपूर्व उत्साह के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष नीरू चौहान ने स्पष्ट किया कि समाज की मजबूती महिलाओं के सशक्तिकरण में ही निहित है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सहित अन्य क्षेत्रों में प्रचलित घूंघट प्रथा की बेड़ियों को तोड़ने के लिए अब समाज की महिलाओं ने स्वयं निर्णायक पहल की है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि जो महिलाएं अब तक घरों की चारदीवारी तक सीमित थीं, उन्हें शिक्षित और जागरूक बनाकर मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों को तीव्र गति प्रदान की जाएगी। शहर अध्यक्ष हेमलता सिंह गहलोत ने अपने उद्बोधन में आत्मविश्वास, शिक्षा और समान अवसरों को सशक्तिकरण का मूल आधार बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब महिला आत्मनिर्भर बनती है, तभी एक परिवार और अंततः संपूर्ण समाज सशक्त होता है।
इस वैचारिक समागम में महिलाओं ने आत्मनिर्भरता, उच्च शिक्षा और सामाजिक चेतना जैसे ज्वलंत विषयों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एडवोकेट श्रीमती शकुंतला चौहान एवं नवनियुक्त आरएएस (RAS) अधिकारी रूप कंवर ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। इनके साथ ही प्रदेश महासचिव नीना छापोल और संभाग अध्यक्ष रश्मि राठौर ने भी प्रेरक संबोधन देते हुए महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। यह आयोजन न केवल एक सामाजिक सुधार की शुरुआत है, बल्कि आधुनिक राजस्थान के निर्माण में राजपूत समाज की महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और आत्मविश्वास का जीवंत प्रमाण भी है।a

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
