पाटनपोल के बड़े मथुराधीश मंदिर में रथयात्रा मनोरथ, ठाकुर जी ने दिए दिव्य दर्शन
कोटा के बड़े मथुराधीश मंदिर में रथयात्रा मनोरथ हुआ, ठाकुर जी ने रथ पर दिए दर्शन और बदल गई ग्रीष्मकालीन सेवा व्यवस्था।

कोटा के पाटनपोल स्थित पुष्टिमार्गीय संप्रदाय की प्रथम पीठ श्री बड़े मथुराधीश मंदिर में बुधवार, 15 जुलाई को रथयात्रा मनोरथ का आयोजन हुआ। इस अवसर पर मंदिर परिसर भक्ति और श्रद्धा के वातावरण से गूंज उठा। ठाकुर जी जब रथ पर सवार होकर निज तिबारी में भक्तों को दर्शन देने पधारे तो श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ प्रभु का स्वागत किया।
रथयात्रा मनोरथ के विशेष अवसर पर प्रभु मथुराधीश का आकर्षक श्रृंगार किया गया। ठाकुर जी के दिव्य रथ को रंग-बिरंगी झालरों, सुंदर पिछवाई और भव्य चंदरवा से सजाया गया था। मंदिर में सुमधुर संगीत के बीच पारंपरिक कीर्तन के पदों का गायन हुआ। गायन मंडली और श्रद्धालुओं ने मिलकर "रथ में बैठे प्रभु अधिक विराजत, जगत करत सब सेवा.. नर नारी आनंद भई अति प्रमुदित मंगल गाए.. रत्न जतिरथ नीको लागत चंचल आव लगाए.." जैसे दिव्य पदों का गायन किया। भजनों की मधुर धुनों के बीच भक्त प्रभु की भक्ति में लीन नजर आए।
गोस्वामी मिलन कुमार बावा ने बताया कि रथयात्रा मनोरथ के संपन्न होने के साथ ही प्रभु की ग्रीष्मकालीन सेवा प्रणाली में परंपरागत बदलाव किए गए हैं। गर्मी से बचाव के लिए अब तक किए जा रहे विशेष जतन समाप्त कर दिए गए हैं। इसके तहत ठाकुर जी के सामने जल का छिड़काव, फव्वारे, खस के पंखे, कुंजा और चंदन के परदे हटा दिए गए हैं। वहीं सिंहासन के ठीक सामने होने वाले जल के प्रयोग को भी बंद कर दिया गया है।
मौसम में बदलाव के अनुसार प्रभु के राजभोग और खान-पान की व्यवस्था में भी परिवर्तन किया गया है। अब सेवा में दी जाने वाली शीत सामग्रियों को कम कर दिया गया है। राजभोग में दही-भात और पना जैसी सामग्रियां बंद हो जाएंगी। इनके स्थान पर ऋतु के अनुरूप प्रभु को आम, जामुन, अंकुरी, आमरस और आम व खोपरा (नारियल) से तैयार विशेष सामग्रियों का भोग अर्पित किया जाएगा।
वर्षा ऋतु के आगमन के साथ ही प्रभु के सम्मुख होने वाले कीर्तनों में भी बदलाव किया गया है। अब कीर्तन सेवा में 'राग मल्हार' की आलापचारी और गायन का शुभारंभ होगा। रथयात्रा मनोरथ के साथ श्री बड़े मथुराधीश मंदिर में सेवा, भोग और राग की परंपरागत व्यवस्था में यह परिवर्तन किया गया है।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
