शांति धारीवाल का सरकार पर हमला: कौशल विकास और शिक्षा बजट में धांधली का आरोप
पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने विधानसभा में पीएम कौशल विकास योजना में घोटाले, आरटीई भुगतान में कटौती और शिक्षा बजट के कम उपयोग पर सवाल उठाए।

जयपुर में राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पूर्व मंत्री शांति धारीवाल राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा करते हुए सरकार की नीतियों की आलोचना कर रहे हैं।
जयपुर, कोटा 04 फरवरी।
राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान पूर्व मंत्री एवं कोटा उत्तर विधायक शांति धारीवाल ने भजनलाल सरकार पर शिक्षा, कौशल विकास, सड़क, ऊर्जा, किसान, मनरेगा, इतिहास और धार्मिक योजनाओं को लेकर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि "राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की नीतियों और उपलब्धियों का दस्तावेज होता है, लेकिन इसमें प्रदेश के विकास का कोई स्पष्ट विजन नजर नहीं आता।"
शिक्षा व्यवस्था चौपट और आरटीई का संकट
शांति धारीवाल ने कहा कि आज कॉलेज से लेकर यूनिवर्सिटी तक शिक्षा संस्थानों पर आरएसएस से जुड़े लोगों का कब्जा है। हालात यह हैं कि पूरा शैक्षणिक सत्र निकल गया, लेकिन कई जगह छात्रों को अब तक प्रवेश नहीं मिला। उन्होंने आरटीई (RTE) के आंकड़ों पर प्रहार करते हुए बताया:
- 2025-26 में निजी स्कूलों को आरटीई के तहत 996 करोड़ रुपये का भुगतान दिखाया गया।
- इसमें 740 करोड़ रुपये पिछले साल का बकाया था।
- यानी इस साल वास्तविक भुगतान सिर्फ 256 करोड़ हुआ, इसी कारण निजी स्कूल आरटीई बच्चों को प्रवेश नहीं दे रहे हैं।
उन्होंने स्कूल बैग और यूनिफॉर्म की राशि 1000 रुपये से घटाकर 800 रुपये करने को गरीब छात्रों के साथ अन्याय बताया।
समग्र शिक्षा अभियान में बजट का खेल
धारीवाल ने बजट खर्च के अंतर को उजागर करते हुए कहा:
- समग्र शिक्षा अभियान में 7,792 करोड़ के प्रावधान के मुकाबले केवल 4,757 करोड़ खर्च किए गए।
- समग्र शिक्षा स्टार परियोजना में 727 करोड़ 66 लाख के बजट में से महज 258 करोड़ खर्च हुए।
उन्होंने कहा कि यह सरकार की प्राथमिकताओं को उजागर करता है।
मनरेगा और गांधी के नाम पर प्रहार
धारीवाल ने कहा कि मनरेगा में ग्राम सभा को अपने क्षेत्र के काम तय करने का अधिकार था, जिसे छीनकर केंद्र सरकार ने अपने हाथ में ले लिया। गांधी जी के संदर्भ में उन्होंने कहा, "नाथूराम गोडसे ने गांधी को शरीर से हटाया, आपने गांधी के नाम हटाने की शुरुआत कर दी। लेकिन नाम हटाने से उस महात्मा का नाम दुनिया के दिलों से नहीं हटेगा।"
कौशल विकास योजना में 10 हजार करोड़ का घोटाला
उन्होंने 18 फरवरी 2025 को पेश CAG रिपोर्ट का हवाला देते हुए सनसनीखेज आरोप लगाए:
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में 10 हजार करोड़ रुपये का घोटाला उजागर हुआ है, जिसमें 1 करोड़ 32 लाख लाभार्थियों में से 95 प्रतिशत फर्जी पाए गए।
उन्होंने बताया कि इस घोटाले में फर्जी फोटो, फर्जी फिंगरप्रिंट, एक मोबाइल नंबर से लाखों भुगतान और हजारों फर्जी ट्रेनिंग सेंटर चलाए गए।
सड़क, ऊर्जा और विज्ञापन का सच
धारीवाल ने बुनियादी ढांचे और सरकारी खर्चों पर सवाल उठाए:
- मंत्री दीया कुमारी द्वारा बताए गए सड़क निर्माण के आंकड़े PWD की अपनी रिपोर्ट से मेल नहीं खाते।
- कैपिटल एक्सपेंडिचर को लगातार घटाया गया।
- ऊर्जा क्षेत्र में 3500 करोड़ खर्च होने थे, लेकिन सिर्फ 817 करोड़ ही खर्च किए गए।
- सैकड़ों मंदिरों के विकास की घोषणाएं हुईं, लेकिन पर्यटन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "आपने अखबारों में अपनी फोटो और विज्ञापनों पर 100 करोड़ खर्च कर दिए, लेकिन मंदिरों के विकास के नाम पर जीरो; आप तो भगवान को भी धोखा दे रहे हो।"
इतिहास से छेड़छाड़ और अंतिम प्रहार
उन्होंने आमेर किले में लगे अकबर-स्तुति शिलालेख का जिक्र करते हुए कहा कि अगर सरकार इतिहास बदलने की कोशिश कर रही है, तो यह हिस्सा क्यों बचा हुआ है? ऐतिहासिक चीजें सही-गलत की श्रेणी में नहीं आतीं। अंत में शांति धारीवाल ने कहा कि यह सरकार नाम बदलने को उपलब्धि मान रही है, जबकि गरीब, युवा, किसान और मजदूर की भलाई के लिए कोई ठोस काम नहीं किया गया।

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