जयपुर में करणी सेना एवं सवर्ण समाज द्वारा आयोजित शांतिपूर्ण "सवर्ण न्याय यात्रा" पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की ब्राह्मण कल्याण परिषद ने कड़े शब्दों में निंदा की है। परिषद के संयोजक अनिल तिवारी ने इस कार्रवाई को लेकर सरकार से निष्पक्ष रवैया अपनाने और समाज के प्रतिनिधियों से संवाद स्थापित करने की मांग की है।

अनिल तिवारी ने कहा कि सरकार को समाज को विभाजित करने वाले यूजीसी के प्रस्तावित कानून को तत्काल वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार "सबका साथ, सबका विकास" की बात करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे कानून लाकर समाज में वैमनस्य फैलाने का कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में सभी वर्गों के विद्यार्थी एक साथ अध्ययन करते हैं। ऐसे में केवल जाति के आधार पर किसी छात्र को अपराधी की दृष्टि से देखना उचित नहीं है। उनके अनुसार इससे विद्यार्थियों के बीच आपसी टकराव और सामाजिक तनाव बढ़ेगा, जो समाज और देश दोनों के हित में नहीं है।

अनिल तिवारी ने कहा कि सरकार को प्रदर्शन कर रहे संगठनों से संवाद और सकारात्मक चर्चा का रास्ता अपनाना चाहिए, न कि बल प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अन्य संगठनों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी जाती है, तो सवर्ण समाज के संगठनों के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है।

ब्राह्मण कल्याण परिषद ने जयपुर में सवर्ण समाज के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हुए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए सरकार से निष्पक्ष कार्रवाई तथा समाज के प्रतिनिधियों से संवाद स्थापित करने की मांग की है। परिषद का कहना है कि इस तरह के मामलों में बल प्रयोग के बजाय बातचीत के माध्यम से समाधान निकाला जाना चाहिए।

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