श्री संकटमोचन हनुमान मंदिर का कायाकल्प शुरू हो गया है। करीब सात दशक से अधिक पुराना यह मंदिर हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केन्द्र है। मंदिर समिति के अनुसार आगामी छह माह में पुनर्निर्माण और विकास कार्य पूरा होने के बाद मंदिर नए और भव्य स्वरूप में नजर आएगा।

मंदिर समिति के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने बताया कि मूल गर्भगृह में स्थापित श्री संकटमोचन हनुमान जी का प्राचीन मंदिर प्रारंभ में छोटा था। समय-समय पर इसे चार अलग-अलग चरणों में विकसित और विस्तारित किया गया। पिछले 15 से 20 वर्षों के दौरान मंदिर परिसर में शिव परिवार, लक्ष्मी-विष्णु माताजी और गणेश जी की स्थापना की गई। इसके बाद शहर के धर्मप्रेमी लोगों के सहयोग से मंदिर का और विस्तार किया गया तथा बीते 10 से 12 वर्षों में राम दरबार और श्री राधाकृष्ण के विग्रह स्थापित किए गए।

करीब डेढ़ दशक पुराने निर्माण में अब कई तकनीकी और संरचनात्मक चुनौतियां सामने आने लगी थीं। वर्षा ऋतु के दौरान मंदिर की दीवारों में करंट आने की घटनाएं सामने आईं। छतों से पानी टपकने के साथ घंटियों में भी करंट का खतरा बना रहता था। पानी भरने से मंदिर परिसर में फिसलन की स्थिति बनती थी, जिससे कई बार श्रद्धालु घायल भी हुए। लगातार बढ़ते इन खतरों और संभावित अनहोनी की आशंका को देखते हुए मंदिर समिति ने सर्वसम्मति से मंदिर के पुनर्निर्माण और कायाकल्प का निर्णय लिया।

समिति के अनुसार मंदिर के पुनर्निर्माण एवं विकास के प्रयास पिछले कई वर्षों से किए जा रहे थे। करीब 15 दिन पहले इस कार्य की औपचारिक शुरुआत कर दी गई है। अब उद्देश्य मंदिर परिसर का विस्तार करते हुए अधिक विशाल और सुरक्षित निर्माण करना है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

मंदिर समिति ने बताया कि श्री संकटमोचन हनुमान मंदिर के पुनर्निर्माण एवं विकास कार्य में मंदिर के नियमित भक्त लगातार सहयोग दे रहे हैं। समर्पित श्रद्धालुओं के बीच इस कार्य को लेकर उत्साह और हर्ष का माहौल है। समिति ने आमजन से भी इस पुनीत कार्य में सहयोग और समर्थन देने की अपील की है, ताकि मंदिर का कायाकल्प निर्धारित समय में पूरा किया जा सके और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं भव्य धार्मिक परिसर मिल सके।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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