विधायक संदीप शर्मा ने विधानसभा में उठाया जर्जर स्कूली भवनों का मामला
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से जर्जर स्कूलों को गिराने की समय सीमा तय करने और छतों की वाटर प्रूफिंग हेतु बजट आवंटन की मांग की गई।
विधायक संदीप शर्मा ने विधानसभा में तारांकित प्रश्न के माध्यम से प्रदेश के जर्जर स्कूलों का मामला उठाया। उन्होंने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को कहा कि "जर्जर स्कूली भवन स्कूली बच्चों के लिए बड़ा जोखिम बने हुए हैं इसलिए प्रदेश के जिन स्कूल भवनों को जर्जर घोषित किया जा चुका है उन्हें तत्काल जमींदोज कर दिया जाए।" इसी प्रकार जो भवन जर्जर घोषित किए जाने शेष हैं उन्हें भी तत्काल प्रक्रिया पूर्ण कर गिराया जाए, जिन स्थानों पर नए भवन की स्वीकृति जारी हो चुकी है वहां पर नए भवन बनाए जाएं और इन सभी कामों के लिए समय सीमा तय की जाए।
भवनों की आयु बढ़ाने हेतु सुझाव
उन्होंने सदन में सुझाव रखते हुए कहा कि अधिकांश स्कूल भवनों के जर्जर होने में मुख्य कारण पानी का रिसाव है इसलिए "सरकार राजकीय विद्यालयों के भवनों की छतों की वाटर प्रूफिंग के लिए प्रतिवर्ष बजट उपलब्ध करवाए ताकि इन भवन की आयु बढ़ सके।"
प्रदेश स्तरीय सर्वे और जर्जर भवनों की स्थिति
विधायक शर्मा ने पूछा था कि क्या यह सही है कि माह अगस्त, 2025 में सरकार द्वारा प्रदेश के सभी विधालयों के अपनों का सर्वे करवाया गया था। यदि हां, तो सर्वे में कितने भवन जर्जर पाए गए। जिलावार संख्यात्मक विवरण सदन की मेज पर रखें।
- जिला कलेक्टर के माध्यम से तकनीकी दल गठित कर करवाये गए सर्वे के अनुसार प्रदेश के 3768 स्कूलों भवन जर्जर स्थिति में है।
- सर्वे में चिन्हित 3768 विद्यालयों के भवनों में से 2558 को जर्जर घोषित किया जा चुका है।
- शेष (3768-2558) 1210 को जर्जर घोषित किया जाना है। इन विद्यालयों को जमींदोज की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
मरम्मत की आवश्यकता एवं आवंटित बजट
तत्काल मरम्मत आवश्यकता एवं बजट स्वीकृति के बारे में बताया गया है कि:
- सर्वे के अनुसार 45365 राजकीय विद्यालयों में से 41178 विद्यालयों में बृहद मरम्मत की आवश्यकता है।
- राज्य मद (वर्ष 2025-26) अन्तर्गत 2000 राजकीय विद्यालयों के लिए वृहद मरम्मत गतिविधि हेतु राशि रु. 17497.51 लाख स्वीकृत किये गये है।
- जिला कलक्टर्स द्वारा बाढ़/अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त विद्यालय भवनों के लिए एसडीआरएफ में 20383 विद्यालयों की मरम्मत के कार्य स्वीकृत है।
- प्रथम चरण में 1680 जर्जर विद्यालयों के लिए नवीन भवन हेतु राशि रु. 1998.24 करोड़ के प्रस्ताव शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार को स्वीकृति हेतु प्रेषित किये गये है।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
