कोटा में सनातन सेवा न्यास ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ती हिंसा के विरोध में केंद्र को सौंपा ज्ञापन
कोटा में सनातन सेवा न्यास ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ती हिंसा के विरोध में केंद्र को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सुरक्षा सुनिश्चित करने, दोषियों को दंडित करने और निर्णायक कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग की गई। यह कदम मानवाधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए महत्वपूर्ण है।

कोटा। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ लक्षित हमलों और बढ़ती हिंसा के विरोध में सनातन सेवा न्यास, राजस्थान (कोटा) की ओर से जिला प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा हालिया घटनाओं पर तत्काल और प्रभावी अंतरराष्ट्रीय और कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग की गई है।
जिला संयोजक रमेश चंद शर्मा ने बताया कि न्यास के माध्यम से सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि बांग्लादेश में कट्टरपंथी तत्वों द्वारा हिंदुओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। मंदिरों, मठों और पूजा स्थलों पर हमलों की घटनाओं में वृद्धि ने वहां निवासरत हिंदुओं की आस्था और अस्तित्व दोनों पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। ज्ञापन में विशेष रूप से स्थानीय हिंदू नेता दीप चंद्र दास की नृशंस हत्या का उल्लेख किया गया है और इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बताया गया है।
तहसील अध्यक्ष नीलेश पारीक ने कहा कि ये घटनाएं केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं हैं, बल्कि पूरे हिंदू समाज को भयभीत करने की साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब आस्था के आधार पर किसी की जान ली जाए, तब इसे किसी देश का आंतरिक मामला कहकर अनदेखा नहीं किया जा सकता। उन्होंने मानवीय और न्यायसंगत दृष्टिकोण से भारत सरकार से इस विषय में ठोस कदम उठाने का आग्रह किया।
ज्ञापन में भारत सरकार से यह भी आग्रह किया गया कि वह बांग्लादेश सरकार पर कूटनीतिक दबाव बनाकर वहां हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित कराए, दोषियों को दंड दिलवाए और यदि अत्याचार नहीं रुकते हैं तो राष्ट्रीय सम्मान और नैतिक दायित्व के अनुरूप निर्णायक कदम उठाए। सनातन सेवा न्यास ने यह स्पष्ट किया कि ज्ञापन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि पीड़ित हिंदुओं की करुण पुकार के रूप में प्रस्तुत किया गया है। न्यास का विश्वास है कि इस विषय पर लिया गया निर्णय इतिहास को दिशा देने वाला सिद्ध होगा।
इस ज्ञापन के माध्यम से कोटा से उठाया गया यह कदम न केवल बांग्लादेश में पीड़ित हिंदुओं की सुरक्षा और न्याय की मांग को रेखांकित करता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दों पर भारत की सक्रिय भूमिका की भी झलक देता है।
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Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
