कोटा। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (आरटीयू), कोटा में सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत कुलधीर सिंह भाटी ने अपनी शैक्षणिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर से पी.एच.डी. की उपाधि प्राप्त की है। शिक्षा जगत के लिए यह गौरवपूर्ण क्षण तब आया जब भाटी को उनके गहन शोध कार्य के लिए यह प्रतिष्ठित उपाधि प्रदान की गई। उन्होंने अपना यह शोध कार्य "फाइटर जेट की उड़ान में स्पंदन हेतु ऊष्मा के प्रवाह और विक्षोम की तीव्रता के विकास में भूमिका" जैसे अत्यंत जटिल और तकनीकी विषय पर पूर्ण किया है।

इस शोध कार्य का मार्गदर्शन आईआईटी इंदौर के यांत्रिकी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हरेकृष्ण यादव एवं सहायक प्रोफेसर डॉ. विजय लक्ष्मी द्वारा किया गया। उपाधि प्रदान करने का समारोह अत्यंत गरिमामय रहा, जिसमें नीति आयोग, भारत सरकार के सदस्य प्रोफेसर डॉ. अभय करंदीकर मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शोभा इसरो के भूतपूर्व अध्यक्ष डॉ. के. शिवन और आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रोफेसर डॉ. सुहास जोशी की उपस्थिति ने बढ़ाई, जिनके हाथों कुलधीर सिंह भाटी को यह उपाधि दी गई।

इस उपलब्धि के पश्चात कुलधीर सिंह भाटी ने कृतज्ञता व्यक्त करते हुए अपने शोध कार्य में मिले निरंतर प्रोत्साहन के लिए ऑल इंडिया रेलवे पेंशनर्स फेडरेशन के अध्यक्ष व अपने ससुर जी.पी. सिंह का विशेष आभार प्रकट किया। साथ ही, उन्होंने अपने सहयोगी मित्र सौरभ शर्मा तथा डॉ. टी.एन. नन्दी का भी धन्यवाद ज्ञापित किया, जिन्होंने इस कठिन अकादमिक यात्रा में उनका संबल बढ़ाया। यह उपलब्धि न केवल कुलधीर सिंह भाटी के व्यक्तिगत करियर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि आरटीयू कोटा के शैक्षणिक गौरव को भी नई ऊंचाइयां प्रदान करती है। विमानन और यांत्रिकी क्षेत्र में उनके इस शोध के परिणाम भविष्य में तकनीकी नवाचारों के लिए एक आधारस्तंभ के रूप में देखे जा रहे हैं।

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