राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (RTU), कोटा के प्रशासनिक गलियारों में आज भविष्य की शैक्षणिक और ढांचागत उन्नति की ठोस इबारत लिखी गई। कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित वित्त समिति की 33वीं बैठक में वित्तीय संसाधनों के विवेकपूर्ण प्रबंधन को संस्थान की प्रगति का मुख्य आधार घोषित किया गया। सह जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने जानकारी दी कि इस उच्च स्तरीय बैठक में विश्वविद्यालय के वित्तीय प्रबंधन, आगामी योजनाओं और व्यय नियंत्रण की रणनीतियों पर सूक्ष्मता से मंथन हुआ। बैठक के दौरान पिछले वित्तीय वर्ष के आय-व्यय के विश्लेषण के साथ-साथ आय के नवीन स्रोतों को विकसित करने और राजकोषीय अनुशासन को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया।

समिति ने गहन विचार-विमर्श के पश्चात शैक्षणिक अनुसंधान और आधारभूत संरचना के विकास हेतु प्रस्तावित बजट प्रावधानों को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी। बजट आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2025-26 के लिए 96.07 करोड़ रुपये की आय और 78.33 करोड़ रुपये के व्यय वाला संशोधित बजट (R.E.) पारित किया गया। वहीं, आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 101.68 करोड़ रुपये की आय और 115.36 करोड़ रुपये के व्यय वाले बजट अनुमान (B.E.) को मंजूरी दी गई। इस महत्वपूर्ण अवसर पर कुलसचिव श्रीमती भावना शर्मा, परीक्षा नियंत्रक प्रो. विवेक पांडे, वित्त नियंत्रक श्री रोहित दीक्षित, वित्त विभाग के प्रतिनिधि श्री लोकेश मीणा और तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि श्री कुंजीलाल स्वामी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि प्रो. दिनेश बिरला और डॉ. शिवलाल विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में सम्मिलित हुए।

कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए स्पष्ट किया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुसंधान के लिए पारदर्शी वित्तीय नियोजन अपरिहार्य है। उन्होंने विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम और गुणवत्तापूर्ण उपयोग ही विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत एवं गैर-आवर्ती व्यय के तहत महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जिसमें नवीन निर्माण हेतु 1300.00 लाख रुपये, लघु निर्माण के लिए 80.00 लाख रुपये और भवनों के रखरखाव हेतु 1500.00 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। तकनीकी उन्नयन हेतु कंप्यूटर एवं लैपटॉप के लिए 400.00 लाख, शिक्षण सामग्री के लिए 30.00 लाख, मशीनरी एवं उपकरणों के लिए 40.00 लाख, कार्यालय उपकरणों हेतु 20.00 लाख और एयर कंडीशनर के लिए 60.00 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त जिम, हॉस्टल फर्नीचर, ई-रिसोर्स और RFID सिस्टम के लिए भी लाखों के प्रावधान किए गए हैं। एक महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णय के तहत आयकर अधिनियम की धारा 12AA के अंतर्गत 20 करोड़ रुपये का संचय (Accumulation) बनाने का भी संकल्प लिया गया, जिससे भविष्य में कर संबंधी लाभ प्राप्त हो सकें। वित्त समिति के ये दूरगामी निर्णय न केवल विश्वविद्यालय की आधारभूत संरचना को सशक्त करेंगे, बल्कि शैक्षणिक गुणवत्ता में भी क्रांतिकारी वृद्धि सुनिश्चित करेंगे।

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