राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (आरटीयू), कोटा के प्रबंध मंडल की 51वीं नियमित बैठक में विश्वविद्यालय के भविष्य को नई दिशा देने वाले कई दूरगामी और ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। कुलगुरू प्रो. निमित चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने, प्रशासनिक सुधार, शैक्षणिक उन्नयन तथा कर्मचारी कल्याण की भावना के साथ लंबे समय से लंबित कार्मिकों के हितों का संरक्षण करने, नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों को शुरू करने तथा विश्वविद्यालय की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ बनाने के लिए महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इस गरिमामयी और महत्वपूर्ण बैठक में स्थानीय विधायक श्री संदीप शर्मा एवं श्री ललित मीणा सहित तकनीकी शिक्षा और वित्त विभाग के उच्च स्तरीय प्रतिनिधियों और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ आचार्य विशेष रूप से सम्मिलित हुए।

सह जन सम्पर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बैठक के विस्तृत विवरण की जानकारी देते हुए बताया कि इस नीतिगत बैठक में विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए एक युगांतकारी कदम के तहत बहुप्रतीक्षित पेंशन योजना को आधिकारिक मंजूरी प्रदान की है। इसके अतिरिक्त, आरटीयू के शैक्षणिक स्तर को वैश्विक मानकों के अनुरूप लाने के लिए नए शैक्षणिक पदों के सृजन और विश्वविद्यालय की वित्तीय आत्मनिर्भरता को बढ़ाने के उद्देश्य से नई कंसल्टेंसी एवं राजस्व वृद्धि की नीतियों को भी सर्वसम्मति से स्वीकृत किया गया है।

प्रबंध मंडल की बैठक को मुख्य रूप से संबोधित करते हुए कुलगुरू प्रो. निमित चौधरी ने इन निर्णयों को विश्वविद्यालय के इतिहास का एक नया अध्याय बताया। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के सशक्तिकरण और भविष्य के नवीन आयामों के साथ आरटीयू निरंतर आगे बढ़ रहा है। बैठक में लिए गए ये ऐतिहासिक निर्णय न केवल राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के वर्तमान को सशक्त करेंगे, बल्कि इसके भविष्य को भी एक नई और प्रगतिशील दिशा प्रदान करेंगे। ये समस्त निर्णय न केवल कर्मचारियों और विद्यार्थियों के व्यापक हित में हैं, बल्कि विश्वविद्यालय को आगामी समय में और अधिक सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने में भी पूरी तरह सहायक सिद्ध होंगे।

कुलगुरू प्रो. निमित चौधरी ने कर्मचारी कल्याण और संस्थान के विकास पर बल देते हुए आगे कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा कर्मचारियों के लिए पेंशन योजना को दी गई यह मंजूरी और पेंशन नीति को लागू करने की पहल कार्मिकों के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को पूरी तरह दर्शाती है। इसके साथ ही, नए पदों का सृजन और कंसल्टेंसी नीति कोटा को तकनीकी नवाचार का एक बड़ा और सुदृढ़ केंद्र बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। पेंशन योजना का यह ऐतिहासिक निर्णय हमारे समर्पित शिक्षकों एवं कर्मचारियों के प्रति विश्वविद्यालय की गहरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जो संस्थान को देश के अग्रणी तकनीकी संस्थानों की श्रेणी में स्थापित करेगा।

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