RSS शताब्दी वर्ष: हिंदुस्तान हिंदू राष्ट्र है, समाज संघ से बड़ा है- निम्बाराम
कोटा महानगर में आयोजित प्रबुद्ध जन गोष्ठी में क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम ने 'पंच परिवर्तन' और राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ सामाजिक बदलाव लाने पर जोर दिया।

कोटा के शिव ज्योति सीनियर सेकेंडरी स्कूल सभागार में आयोजित आरएसएस प्रबुद्ध जन गोष्ठी के दौरान मंच पर आसीन क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम और अन्य पदाधिकारी।
कोटा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजस्थान क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम ने स्पष्ट उद्घोष किया है कि हिंदुस्तान एक हिंदू राष्ट्र है और संघ की तुलना में समाज की महत्ता सदैव सर्वोपरि है। मंगलवार रात्रि कोटा के श्रीनाथपुरम स्थित शिव ज्योति सीनियर सेकेंडरी स्कूल सभागार में संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित "शिक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रमुख जनों की गोष्ठी" को संबोधित करते हुए उन्होंने स्वयंसेवकों और प्रबुद्धजनों को राष्ट्र निर्माण के प्रति संकल्पबद्ध होने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान मंच पर कोटा विभाग संघचालक पन्नालाल शर्मा एवं कोटा महानगर संघचालक गोपाल लाल गर्ग भी गरिमामय उपस्थिति में विराजमान रहे।
मुख्य वक्ता निम्बाराम ने अपने संबोधन में 'पंच परिवर्तन' के सिद्धांत पर बल देते हुए कहा कि शताब्दी वर्ष का वास्तविक उद्देश्य उत्सव मनाना नहीं, बल्कि समाज में 'स्व' के बोध को प्रतिष्ठित कर सार्थक बदलाव लाना है। उन्होंने परिवार और समाज के बीच निरंतर संवाद बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए वर्तमान में प्रचलित विभिन्न नैरेटिव को समझने और उन पर चर्चा करने को अनिवार्य बताया। संघ के 100 वर्षों के सफर पर आत्मचिंतन करते हुए उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष मन की समीक्षा का काल है, जिसमें हमें यह परखना है कि डॉ. हेडगेवार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को हमने किस सीमा तक प्राप्त किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि हालांकि संघ का कार्य हर क्षेत्र में विस्तृत हुआ है, किंतु अभी अपेक्षित लक्ष्यों की प्राप्ति शेष है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पंक्तियों "पंद्रह अगस्त का दिन कहता—आजादी अभी अधूरी है, सपने सच होने बाकी हैं, रावी की शपथ न पूरी है" के माध्यम से उन्होंने कार्यकर्ताओं में राष्ट्रभक्ति का उत्साह भरा।
राष्ट्रप्रथम की प्रेरणा और व्यक्ति निर्माण के मूल मंत्र को रेखांकित करते हुए क्षेत्र प्रचारक ने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने इसी ध्येय के साथ शाखा पद्धति का बीजारोपण किया था। आज लाखों स्वयंसेवक "परं वैभवं नेतुमेतत् स्वराष्ट्रम्..." के संकल्प के साथ भारत को परम वैभव पर पहुंचाने की प्रार्थना करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ संपूर्ण समाज के संगठन के लिए कार्य करता है और उसका कोई विरोधी नहीं है। देश की 80 वर्षों की लोकतांत्रिक यात्रा और संघ के 100 वर्षों के सफर का तुलनात्मक उल्लेख करते हुए निम्बाराम ने कहा कि समाज में व्यापक परिवर्तन लाने के लिए उसे साथ लेना अनिवार्य है। शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के साथ सीधा संवाद स्थापित किया जा रहा है, ताकि समानता और राष्ट्रवाद की नींव को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
