कोटा में आरएसएस शताब्दी वर्ष पर विराट हिंदू सम्मेलन और शोभायात्रा आयोजित
चाणक्य बस्ती में आयोजित कार्यक्रम में शौर्य प्रदर्शन के साथ सामाजिक समरसता और संगठित समाज का संदेश दिया गया।

कोटा की चाणक्य बस्ती में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन के दौरान मल्लखंब का प्रदर्शन करते कलाकार और उपस्थित जनसमूह।
कोटा, 2 फरवरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में चाणक्य बस्ती में सर्व हिंदू समाज के द्वारा महावीर नगर तृतीय में विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें सेक्टर 1, 2, 3, 4, 8 एवं 10 सेक्टर के सर्व हिंदू समाज ने भाग लिया।
भव्य शोभायात्रा और झांकियां
इस दौरान बस्ती के विभिन्न मंदिरों से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में महापुरुषों की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं, जिनमें शामिल थे:
- शिवाजी, रानी लक्ष्मीबाई और भारत माता
- स्वामी विवेकानंद और सरदार भगत सिंह
- राधा कृष्ण
शोभायात्रा का सर्वसमाज के बंधुओं ने पुष्पवृष्टि कर स्थान-स्थान पर स्वागत द्वार बनाकर अभिनंदन किया।
सांस्कृतिक एवं साहसिक प्रदर्शन
मंचीय कार्यक्रमों के अंतर्गत निम्नलिखित प्रस्तुतियां दी गईं:
- गणेश वंदना और सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ
- नृत्य प्रस्तुति
- नन्हें मुन्ने बालक बालिकाओं द्वारा जूड़ों-कराटे, तलवारबाजी और नियुद्ध का सराहनीय प्रदर्शन
- हरदोल व्यायामशाला का मल्लखंब प्रदर्शन देखकर उपस्थित जन समुदाय रोमांचित हो उठा।
अतिथि एवं मुख्य वक्ता
कार्यक्रम की अध्यक्षता तुलसीराम धाकड़ द्वारा की गई। कार्यक्रम में इनका विशेष सानिध्य रहा:
- पूज्य संत प्रभाकर साहेब (कबीर आश्रम, विनोबा भावे नगर)
- मातृशक्ति रमा शर्मा
- मुख्य वक्ता: अनिल कुमार जैन (धर्म जागरण प्रांतीय टोली सदस्य)
मुख्य वक्ता का संबोधन
आयोजित धर्मसभा में मुख्य वक्ता अनिल कुमार जैन ने सर्व हिंदू समाज को समरस होकर संगठित होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा:
"हमारा देश कालांतर में सभी प्रकार की समृद्धियों से युक्त होते हुए भी वर्षों तक गुलाम रहा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विगत 100 वर्षों से हिंदू संगठन की साधना में रत है। आज संघ के स्वयंसेवक विभिन्न क्षेत्रों में समाज परिवर्तन का कार्य कर रहे हैं। स्वदेशी का भाव, कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक-समरसता, पर्यावरण और नागरिक शिष्टाचार के माध्यम से समाज को जागृत करने का कार्य किया जा रहा है।"
प्रतिभा सम्मान और समापन
कार्यक्रम में स्थानीय बस्ती की प्रतिभाओं, पर्यावरण प्रेमियों, कवियों, संयुक्त परिवार में रहने वाले बंधुओ, उत्कृष्ट खिलाड़ियों, रक्तदाता, मंदिर के पुजारियों तथा भामाशाहों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के अंत में भारत माता की सामूहिक आरती की गई।

