राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विचार भारत का मूल विचार: निंबाराम
कोटा में विद्या भारती के प्रधानाचार्य वर्ग को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम ने डॉ. हेडगेवार के योगदान और राष्ट्र निर्माण में संघ की भूमिका को रेखांकित किया।

कोटा के स्वामी विवेकानंद उच्च माध्यमिक विद्यालय में विद्या भारती राजस्थान द्वारा आयोजित प्रधानाचार्य वर्ग के उद्घाटन सत्र में दीप प्रज्वलन करते अतिथि और पदाधिकारी।
भारत के स्वाधीनता आंदोलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉक्टर हेडगेवार के सक्रिय योगदान को रेखांकित करते हुए संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम ने कहा कि भारत का मूल विचार ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विचार है। यह विचार उन्होंने विद्या भारतीय राजस्थान द्वारा आयोजित प्रधानाचार्य वर्ग में स्वामी विवेकानंद उच्च माध्यमिक विद्यालय, महावीर नगर तृतीय में मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1920 में भारत को पूर्ण स्वतंत्रता तथा वैश्विक पूंजीवाद से मुक्ति का वैचारिक प्रस्ताव डॉक्टर हेडगेवार ने तत्कालीन अधिवेशन में रखा था। जंगल सत्याग्रह में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ के नाम से आंदोलन और प्रदर्शन में भाग नहीं लेने का निर्णय लिया गया था, किंतु स्वयंसेवकों को राष्ट्र जीवन के सभी कार्यों में भाग लेने की स्वतंत्रता थी।
निंबाराम ने कहा कि भारत की सर्वांगीण उन्नति के उद्देश्य से संघ के स्वयंसेवक राष्ट्र जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हैं। समाज जीवन को संगठित करने, अभावों को दूर करने तथा व्यक्ति निर्माण का सशक्त तंत्र तैयार करने की दिशा में संघ निरंतर कार्यरत है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को भारत माता के रूप में स्वीकार करने की भावना को डॉक्टर हेडगेवार ने आगे बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि संगठित समाज, श्रेष्ठ नागरिक और भारत भक्ति के भाव के निर्माण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अहर्निश कार्य कर रहा है। संघ के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में उन्होंने समाज परिवर्तन में संघ की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए सभी सज्जन शक्तियों और मातृ शक्ति से राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए प्रधानाचार्य महेश शर्मा ने बताया कि इस वर्ग में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष प्रोफेसर भरत राम कुम्हार, क्षेत्र संगठन मंत्री श्री गोविंद कुमार, श्री मनोहर शर्मा (अखिल भारतीय सह प्रशिक्षण संयोजक), मानेंग पटेल (प्रांत सचिव चित्तौड़) तथा सतीश कुमार गौतम (कोटा जिला सचिव) विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। संचालन महेंद्र सिंह सिसोदिया ने किया तथा स्वागत नवीन कुमार झा (प्रांत निरीक्षक) ने किया।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
