राज्य सरकार की औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने की नीति के तहत राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) की प्रत्यक्ष आवंटन योजना का 12वां चरण 15 जुलाई से प्रारंभ हो गया है। इस योजना का उद्देश्य उद्यमिता को बढ़ावा देना, स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाना तथा राजस्थान को अग्रणी औद्योगिक राज्य के रूप में स्थापित करना है।

रीको इकाई प्रभारी वी.के. विजय ने बताया कि योजना को निवेशकों के लिए सरल, पारदर्शी और त्वरित बनाया गया है। राइजिंग राजस्थान इनवेस्टमेंट समिट के तहत राज्य सरकार के साथ एमओयू करने वाले उद्यमियों को योजना का लाभ मिलेगा। वहीं, जिन निवेशकों ने अभी तक एमओयू नहीं किया है, वे 28 जुलाई 2026 तक आवेदन और ईएमडी जमा करने के साथ एमओयू कर इस चरण में शामिल हो सकते हैं।

उन्होंने बताया कि योजना के 12वें चरण में कोटा जिले के 208, बूंदी जिले के 156 तथा बारां जिले के 68 औद्योगिक और 3 लॉजिस्टिक भूखंड निवेशकों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। इस प्रकार हाड़ौती क्षेत्र में कुल 432 भूखंडों के आवंटन का अवसर उपलब्ध कराया गया है।

रीको के वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक, कोटा वी.के. विजय ने बताया कि योजना के तहत 15 से 28 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। यदि किसी भूखंड के लिए केवल एक आवेदन प्राप्त होता है तो उसका प्रत्यक्ष आवंटन किया जाएगा, जबकि एक से अधिक आवेदन प्राप्त होने की स्थिति में 31 जुलाई 2026 को ई-लॉटरी के माध्यम से भूखंडों का आवंटन किया जाएगा।

रीको अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में औद्योगिक निवेशकों की बढ़ती रुचि और नए उद्योगों की स्थापना को गति देने के उद्देश्य से प्रत्यक्ष आवंटन योजना का 12वां चरण शुरू किया गया है। इससे प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को नई गति मिलने की उम्मीद है तथा निवेशकों के लिए उद्योग स्थापना के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

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