Re-NEET (UG) 2026 के घोषित परिणामों में रेज़ोनेंस, कोटा के विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए सफलता का नया रिकॉर्ड बनाया है। संस्थान के 37 विद्यार्थियों ने अखिल भारतीय रैंक (AIR) 10,000 के भीतर स्थान प्राप्त किया, जबकि 35 विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी श्रेणियों में Category Rank 5,000 के भीतर जगह बनाई।

इन उत्कृष्ट परिणामों में रेज़ोनेंस, कोटा के दो वर्षीय रेगुलर क्लासरूम प्रोग्राम के विद्यार्थी हिमांशु कुमार, निवासी बक्सर (बिहार), ने 690/720 अंक प्राप्त कर अखिल भारतीय रैंक (AIR) 111 तथा Gen-EWS Category Rank 4 हासिल की। उल्लेखनीय है कि हिमांशु ने JEE Main 2026 में भी मुख्यतः फिज़िक्स एवं केमिस्ट्री के आधार पर 98.85 Percentile प्राप्त की थी। उन्होंने मैथमेटिक्स विषय न होने के बावजूद JEE Main में यह प्रदर्शन किया था।

हिमांशु कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय रेज़ोनेंस की अनुभवी फैकल्टी, पूरे दो वर्षों तक एक जैसी शैक्षणिक टीम से मिले मार्गदर्शन, नियमित टेस्ट प्रैक्टिस, संस्थान के स्टडी मेटेरियल तथा NCERT आधारित तैयारी को दिया। उन्होंने बताया कि तैयारी के दौरान विषयों को रटने के बजाय कॉन्सेप्ट्स को समझने, नियमित रिविज़न करने और बार-बार टेस्ट देने की आदत ने उन्हें परीक्षा के लिए मानसिक रूप से तैयार किया।

रेज़ोनेंस के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक श्री राम किशन वर्मा (RKV Sir) ने हिमांशु कुमार को बधाई देते हुए कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता केवल मेहनत का परिणाम नहीं होती, बल्कि परीक्षा के दिन अपनाई गई सटीक रणनीति भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल फिज़िक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी की तैयारी ही नहीं करनी चाहिए, बल्कि परीक्षा देने की कला यानी एग्जाम टेम्परामेंट भी सीखना चाहिए। इसी उद्देश्य से रेज़ोनेंस में विषय अध्ययन के साथ-साथ टेस्ट डिसिप्लिन, समय प्रबंधन और एग्जाम बिहेवियर पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

RKV Sir के अनुसार विशेष रूप से बायोलॉजी तथा केमिस्ट्री में NCERT का महत्व लगातार बना हुआ है, जबकि फिज़िक्स एवं केमिस्ट्री के प्रश्नों का स्वरूप पिछले कुछ वर्षों में अधिक कॉन्सेप्ट आधारित और एनेलिटिकल होता गया है। उन्होंने कहा कि अब केवल तथ्य याद कर लेना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को कॉन्सेप्ट्स की गहरी समझ, प्रश्नों का विश्लेषण तथा विभिन्न परिस्थितियों में उनका प्रभावी प्रयोग करना आना चाहिए। इसी उद्देश्य से रेज़ोनेंस की शिक्षण पद्धति विद्यार्थियों में मजबूत कॉन्सेप्ट्स बिल्डिंग, नियमित अभ्यास और परीक्षा आधारित सोच विकसित करने पर केंद्रित है।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा NEET (UG) 2027 को Computer Based Test (CBT) मोड में आयोजित किए जाने की घोषणा को मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के इतिहास में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन माना जा रहा है। इस बदलाव के बाद विद्यार्थियों को केवल विषय ज्ञान ही नहीं, बल्कि Computer Based Examination के वातावरण में प्रश्न हल करने की दक्षता भी विकसित करनी होगी।

इस संबंध में RKV Sir ने कहा, "CBT केवल परीक्षा का माध्यम नहीं है, बल्कि तैयारी का तरीका भी बदल देता है। विद्यार्थियों को स्क्रीन पर प्रश्न पढ़ने, समय प्रबंधन, ऑनलाइन नेविगेशन और डिजिटल टेस्ट वातावरण का पर्याप्त अभ्यास होना चाहिए।" उन्होंने कहा कि रेज़ोनेंस की शिक्षण प्रणाली वर्षों से Concept Based Learning पर आधारित रही है और संस्थान लंबे समय से JEE जैसी राष्ट्रीय स्तर की CBT मोड परीक्षाओं की तैयारी कराता रहा है। यही कारण है कि संस्थान के विद्यार्थी कठिन एवं विश्लेषणात्मक प्रश्नों को भी आत्मविश्वास के साथ हल कर पाते हैं।

उन्होंने कहा कि Biology विषय में संस्थान NCERT आधारित तैयारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है, जिससे विद्यार्थियों को परीक्षा में अधिकतम अंक प्राप्त करने में सहायता मिलती है। आगामी NEET (UG) 2027 के CBT Mode को देखते हुए रेज़ोनेंस विद्यार्थियों को ऐसी समग्र तैयारी उपलब्ध करा रहा है, जिससे वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

Pratahkal Bureau

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