री-नीट 2026 परीक्षा में भौतिकी और रसायन विज्ञान ने बढ़ाई चुनौती, जीव विज्ञान रहा अपेक्षाकृत आसान
री-नीट 2026 परीक्षा में भौतिकी और रसायन विज्ञान के चुनौतीपूर्ण प्रश्नों ने अभ्यर्थियों की परीक्षा ली, जबकि जीव विज्ञान अपेक्षाकृत आसान रहा। अतिरिक्त समय मिलने के बावजूद कई प्रश्न छूटने की बात सामने आई।

री-नीट 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र ने अभ्यर्थियों के लिए मिश्रित अनुभव प्रस्तुत किया। जहां जीव विज्ञान विषय अपेक्षाकृत आसान रहा, वहीं भौतिकी और रसायन विज्ञान के प्रश्नों ने विद्यार्थियों की परीक्षा रणनीति और समय प्रबंधन की कड़ी परीक्षा ली। परीक्षा के बाद विषय विशेषज्ञों द्वारा किए गए विश्लेषण में यह बात सामने आई कि इस बार विज्ञान वर्ग के विभिन्न विषयों का कठिनाई स्तर संतुलित नहीं रहा, जिससे अभ्यर्थियों को अलग-अलग प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
जूलॉजी खंड में पूछे गए प्रश्नों का स्तर मई में आयोजित नीट-2026 परीक्षा के लगभग समान रहा। सभी प्रश्न एनसीईआरटी आधारित थे, हालांकि कुछ प्रश्नों में अवधारणात्मक समझ की आवश्यकता महसूस हुई। उद्विकास, गमन एवं संचलन तथा जैव प्रौद्योगिकी जैसे अध्यायों से अपेक्षाकृत अधिक प्रश्न पूछे गए, जिससे इन इकाइयों का महत्व स्पष्ट रूप से सामने आया।
वनस्पति विज्ञान विषय में अधिकांश प्रश्न आसान स्तर के रहे, जबकि कुछ ही प्रश्न मध्यम कठिनाई श्रेणी में शामिल थे। इस खंड के सभी प्रश्न भी एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पर आधारित रहे। मई नीट-2026 की तुलना में री-नीट परीक्षा में कुछ गणना आधारित तथा कथन एवं कारण (Statement and Reason) प्रकार के प्रश्न भी शामिल किए गए, जिसने अभ्यर्थियों की विश्लेषणात्मक क्षमता की परीक्षा ली।
रसायन विज्ञान का प्रश्नपत्र मध्यम से कठिन स्तर का माना गया। विषय विशेषज्ञों के अनुसार इसमें लगभग तीन प्रश्न कठिन, पांच प्रश्न मध्यम तथा शेष प्रश्न अपेक्षाकृत आसान थे। हालांकि आसान श्रेणी के कई प्रश्न भी समय लेने वाले रहे, जिसके कारण विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र हल करने में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी।
भौतिक विज्ञान का स्तर भी मध्यम से कठिन रहा। प्रश्न अपेक्षाकृत लंबे होने के साथ-साथ गणना प्रधान थे, जिसके चलते उन्हें हल करने में अधिक समय लगा। यही कारण रहा कि कई अभ्यर्थियों को समय प्रबंधन में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
विश्लेषण के अनुसार मई नीट-2026 की तुलना में री-नीट परीक्षा में भौतिकी और रसायन विज्ञान का स्तर अधिक चुनौतीपूर्ण रहा, जबकि जीव विज्ञान विषय पिछली परीक्षा की तरह अपेक्षाकृत सरल बना रहा। परीक्षा में 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिए जाने के बावजूद अनेक अभ्यर्थियों के कुछ प्रश्न अनुत्तरित रह गए।
परीक्षा के समग्र स्तर और प्रश्नपत्र के स्वरूप को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष की कटऑफ नीट-2025 के आसपास रहने की संभावना है। ऐसे में री-नीट 2026 का परिणाम प्रतियोगिता के स्तर और अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को लेकर महत्वपूर्ण संकेत देने वाला साबित हो सकता है।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
