कोटा, 21 अप्रैल। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों के लिए विषय चयन के नियमों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की तर्ज पर लागू किए जाने के ऐतिहासिक और छात्र-हितैषी निर्णय ने शिक्षा जगत में नई दिशा दी है। इस बदलाव पर निजी स्कूल संचालकों ने लोकसभा अध्यक्ष माननीय श्री ओम बिरला के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है, जिससे लाखों विद्यार्थियों को अपनी पसंद के विषय चुनने में महत्वपूर्ण सहूलियत मिलेगी।

मंगलवार को प्राइवेट स्कूल वेलफेयर सोसाइटी (PSWS) के अध्यक्ष संजय शर्मा के नेतृत्व में निजी स्कूल संचालकों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल कोटा प्रवास के दौरान लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला से मिला। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने माल्यार्पण कर तथा साफा व शॉल ओढ़ाकर उनका भव्य अभिनंदन किया और शिक्षा क्षेत्र में उनके त्वरित व सकारात्मक हस्तक्षेप के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

सोसाइटी के सदस्यों ने बताया कि लंबे समय से आरबीएसई में अध्ययनरत छात्रों को 11वीं और 12वीं कक्षा में दो अनिवार्य भाषाएं पढ़नी पड़ती थीं, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों और अंग्रेजी माध्यम के छात्रों पर अनावश्यक दबाव बढ़ता था। इस कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी सीबीएसई की ओर पलायन कर रहे थे। इस गंभीर समस्या को लेकर पूर्व में माननीय अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा गया था।

श्री ओम बिरला के मार्गदर्शन और त्वरित पहल के बाद राज्य सरकार के शिक्षा विभाग ने 13 अप्रैल को आदेश जारी कर नियमों में व्यापक बदलाव किया। नई शिक्षा नीति के तहत अब आरबीएसई के कक्षा 11वीं के विद्यार्थी भी सीबीएसई की तरह चार ऐच्छिक विषयों के साथ केवल एक अनिवार्य विषय, अंग्रेजी, का अध्ययन कर सकेंगे।

नई व्यवस्था में विद्यार्थियों को फिजिकल एजुकेशन और कंप्यूटर विज्ञान जैसे विषयों को चौथे ऐच्छिक विषय के रूप में चुनने की छूट दी गई है। इससे विद्यार्थियों के शारीरिक और तकनीकी विकास को बढ़ावा मिलेगा तथा उन पर अनावश्यक परीक्षा का दबाव कम होगा। साथ ही, जो छात्र पुरानी व्यवस्था, जिसमें तीन ऐच्छिक और दो अनिवार्य विषय शामिल थे, के साथ अध्ययन करना चाहते हैं, उनके लिए भी विकल्प खुला रखा गया है।

इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में कुलदीप माथुर, कुंज बिहारी गौतम, आर.के. शर्मा, राजेंद्र सिंह सोलंकी, ए.जी. मिर्जा, राजेंद्र शर्मा, मधु टाइटस, अजय शर्मा, प्रतीक अग्रवाल, रवि गौरव शर्मा, मोहित गौतम, अर्जुन अजमेरा, गीत जोशी, अभय बैजल, गौरव सूद, चंद्रप्रकाश शर्मा, सुनील शर्मा, सुनील शर्मा मयूरी, कैलाश राठौड़ और वीरेंद्र गौड़ उपस्थित रहे।

यह निर्णय न केवल शिक्षा प्रणाली में लचीलापन लाता है, बल्कि विद्यार्थियों के हितों को केंद्र में रखते हुए उन्हें बेहतर शैक्षणिक विकल्प प्रदान करता है, जिससे भविष्य की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी अधिक प्रभावी हो सकेगी।

Pratahkal Bureau

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