तीर्थनगरी खैराबाद में इस बार बसंत पंचमी का पर्व ऐतिहासिक और आध्यात्मिक भव्यता का नया अध्याय लिखने जा रहा है। रामगंजमंडी क्षेत्र के प्रतिष्ठित मंदिर श्री फलौदी माताजी महाराज के प्रांगण में अखिल भारतीय मेडतवाल (वैश्य) समाज द्वारा आगामी 23 जनवरी को बसंत पंचमी महोत्सव पारंपरिक उल्लास और अटूट श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। यह दिन केवल ऋतुराज बसंत के आगमन का प्रतीक नहीं है, बल्कि आराध्यदेवी मां फलौदी का पावन प्राकट्य दिवस भी है। इस दिव्य अवसर का साक्षी बनने के लिए राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और दिल्ली समेत देश के विभिन्न कोनों से हजारों श्रद्धालु अपनी कुलदेवी के श्रीचरणों में शीश नवाने पहुंचेंगे।

इस महोत्सव की गरिमा का वर्णन करते हुए मंदिर प्रन्यास के निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष सेठ मोहनदास करोडिया, राष्ट्रीय महामंत्री पुरूषोत्तम घाटिया, कोषाध्यक्ष कैलाशचंद्र दलाल और सेवा समिति के महामंत्री विष्णुप्रसाद करोडिया मंडावर ने बताया कि प्राकट्य दिवस के दिन मां फलौदी का विग्रह गर्भगृह से निकलकर मुख्य द्वार पर विराजित होता है, जिससे भक्तों को साल में एक बार मिलने वाले दुर्लभ चरण दर्शन प्राप्त होते हैं। वरद मुद्रा में विराजित फलदायिनी मां अपने भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करती हैं।

कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए संयोजक मोहनलाल चौधरी ने बताया कि शुक्रवार की सुबह तीर्थनगरी खैराबाद भक्ति के रंग में सराबोर हो जाएगी। प्रातः 8 बजे मंदिर से एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसके अंतर्गत 8:30 बजे हनुमान मंदिर पर कलश पूजन का विधान संपन्न होगा। शोभायात्रा के पुनः मंदिर पहुंचने के बाद प्रातः 10:30 बजे माताजी का अभिषेक किया जाएगा। दोपहर 12:15 बजे का समय सबसे महत्वपूर्ण होगा, जब सिंहासन पर विराजित मां फलौदी की स्वर्णकलश, चांदी के चंवर, छड़ी और हार माला के साथ कपूर आरती और महाआरती की जाएगी।

धार्मिक अनुष्ठानों में इस वर्ष समाज के विभिन्न महानुभावों को सेवा का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। बड़ी आरती का दायित्व जगदीश रामविलास गुप्ता (धानोदा, गोघटपुर) और कपूर आरती की सेवा जगदीश गुप्ता (झूमकी) द्वारा निभाई जाएगी। स्वर्ण चंवर की सेवा निर्मल कुमार रामदयाल गुप्ता (रामगंजमंडी) एवं बिरधीचंद गुप्ता (बराईवाले कोटा) करेंगे। चांदी चंवर सेवा में देवकीनंदन बोबस (चेचट), अर्पित गुप्ता (जीरापुर), महेंद्र गुप्ता (रावतभाटा), और ओमप्रकाश मोहित गुप्ता (बकानी) शामिल होंगे। वहीं चांदी छड़ी सेवा अर्वेद गोपालचंद्र गुप्ता (भोपाल) और राजकुमार मेडतवाल (भोपाल) द्वारा अर्पित की जाएगी। शोभायात्रा में मदनलाल भंवरलाल झालरापाटन स्वर्णकलश के साथ, तथा अनिल गुप्ता (झालावाड), प्रणय महेश मेडतवाल (इंदौर), रामविलास आशीष गुप्ता (खिलचीपुर), और कमलेश गुप्ता (इंदौर) चांदी कलश के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। महेश गुप्ता (भवानीमंडी) और बालमुकुंद थानेदार चांदी चंवर, जबकि महेश गुप्ता (ब्यावरा) और सोमेश घनश्याम गुप्ता (इंदौर) चांदी छड़ी की सेवा देंगे। कैलाशचंद्र गुप्ता (कोटा) और गोपालचंद्र गुप्ता (भोपाल) घुड़सवारी कर शोभायात्रा की शोभा बढ़ाएंगे। पीताम्बर परिधानों में सजे श्रद्धालु सामूहिक नृत्य कर पूरी नगरी को भक्तिमय बनाएंगे।

मंदिर पुजारी पंडित अशोक द्विवेदी ने इस स्थल की महिमा बताते हुए कहा कि यह भारत का एकमात्र अष्टकोणीय देवी मंदिर है, जहाँ मां फलौदी में दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी की त्रिशक्ति समाहित है। ऊँचे हस्त में दुर्गा का वास होने के कारण उन्हें द्वितीय ब्रह्मचारिणी और नीचे के हस्त की वरद मुद्रा के कारण लक्ष्मी स्वरूप माना जाता है। गदा-पदम धारी मां फलौदी के बारे में यह अटूट विश्वास है कि इस दिन उनकी चरण पूजा करने से अविवाहित युवक-युवतियों की विवाह संबंधी मनोकामनाएं निश्चित रूप से पूर्ण होती हैं। यह महोत्सव समाज की एकता और श्रद्धा का एक अनुपम उदाहरण पेश करेगा।

Pratahkal Bureau

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