कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर राम मंदिर में हुई करोड़ों रुपये की नकदी तथा करोड़ों रुपये के सोने-चांदी के आभूषणों की चोरी के पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और संस्थापक ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा का इस्तीफा केवल अपराध को ढकने का प्रयास प्रतीत होता है तथा यह देश का ध्यान भटकाने और दोषियों को बचाने की कोशिश है।

प्रहलाद गुंजल ने पत्र में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवाधारी मुख्यमंत्री हैं और उनसे अपेक्षा है कि केवल इस्तीफा लेकर मामले को समाप्त न किया जाए, बल्कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जो भी दोषी हों, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के महासचिव के रूप में चंपत राय मंदिर प्रबंधन के सर्वेसर्वा थे, जबकि संस्थापक ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा पर चढ़ावे के हिसाब-किताब और प्रबंधन की पूर्ण जिम्मेदारी थी। ऐसे में उनकी संलिप्तता के बिना करोड़ों रुपये की नकदी और करोड़ों रुपये के आभूषण चोरी होना संभव नहीं लगता।

उन्होंने आरोप लगाया कि डबल इंजन की सरकार चंपत राय, अनिल मिश्रा सहित कई बड़े लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है। गुंजल ने कहा कि राम के नाम पर सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी अब राम मंदिर के चंदे की चोरी कर रही है, जो देश की धार्मिक आस्था पर गहरी चोट है। उन्होंने कहा कि देश के लोग राम को अपने जीवन, सांसों और आस्था से जोड़ते हैं तथा ऐसी आस्था से जुड़े मंदिर में इस प्रकार की घटना की किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।

पूर्व विधायक ने कहा कि आज पूरा देश इस घटना से हतप्रभ है। समय आने पर जनता इसका जवाब देगी, लेकिन सरकार द्वारा अपराधियों को बचाने का जो अप्रत्यक्ष प्रयास किया जा रहा है, वह भी दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सनातन की बात करने वालों के लिए इससे अधिक शर्मनाक और लज्जाजनक स्थिति नहीं हो सकती कि राम मंदिर के दानपात्र से चोरी हो जाए और वह भी ऐसे राज्य में, जहां भगवाधारी मुख्यमंत्री हों।

प्रहलाद गुंजल ने कहा कि करोड़ों रुपये की इस लूट में केवल छोटे कर्मचारियों की संलिप्तता होना संभव नहीं है। चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का इस्तीफा लेकर उन्हें निर्दोष मान लेना छोटे कर्मचारियों के साथ अन्याय होगा। उन्होंने कहा कि बिना मगरमच्छों के मछलियां अपराध नहीं कर सकतीं और इस मामले में सभी बड़े अपराधियों को भी जेल की सलाखों के पीछे होना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी का उद्देश्य केवल सत्ता और पैसा है। उन्होंने कहा कि "जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएंगे" का नारा देने वाली भाजपा आज राम मंदिर में हुई चोरी पर मौन है। उन्होंने कहा कि राम को तो ले आए, लेकिन अब उन्हीं के घर में डाका डाला जा रहा है। गुंजल ने दावा किया कि इस मामले में केवल चंपत राय और अनिल मिश्रा ही नहीं, बल्कि कई अन्य बड़े चेहरे भी शामिल हैं और उन सभी पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह चोरी देश के करोड़ों लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ है।

समापन में प्रहलाद गुंजल ने आरोप लगाया कि धर्म और गौ माता के नाम पर देश को गुमराह कर सत्ता हासिल करने वाली भाजपा की वास्तविकता अब देश के सामने आ चुकी है और समय आने पर जनता इसका जवाब देगी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यापक जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग दोहराई

Pratahkal Bureau

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