राखी गौतम ने बजट को बताया गरीब विरोधी, कोटा की पुरानी घोषणाएं अधूरी रहने का आरोप
शहर कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम ने वित्त मंत्री दीया कुमारी के बजट को दिशाहीन बताते हुए मिनी सचिवालय और भामाशाह मंडी जैसे अधूरे प्रोजेक्ट्स पर सरकार को घेरा।

कोटा शहर कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम 11 फरवरी 2026 को बजट प्रतिक्रिया के दौरान राजस्थान सरकार की लंबित घोषणाओं और जनविरोधी नीतियों पर विरोध दर्ज कराते हुए।
राजस्थान सरकार के पिछले बजट में कोटा शहर के लिए की गई घोषणाएं धरातल पर नहीं उतरी, आज फिर नई घोषणाएं से जनता को कब तक गुमराह करते रहोगे - राखी गौतम
कोटा, 11 फरवरी 2026:
राजस्थान सरकार की वित्त मंत्री दीया कुमारी द्वारा दिए गए आम बजट पर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राखी गौतम ने कहा कि "आम बजट आम गरीब जन विरोधी है, बेहद निराशा जनक, दिशाहीन, व्यापारी, मध्यम वर्ग, मंहगाई को बढ़ाने वाला गरीब जन विरोधी है।"
पिछले बजट की अधूरी घोषणाओं का रिपोर्ट कार्ड
गौतम ने पिछले बजट को देखते हुए कहा कि:
- राजस्थान के बजट 2025-26 में कोटा के लिए भामाशाह मंडी के विस्तार की घोषणा की गई थी लेकिन मंडी का विस्तार केवल बजट के कागजों तक ही सीमित रह गया।
- कोटा में मिनी सचिवालय बनाने की घोषणा पिछले बजट में की गई थी लेकिन बजट आए एक साल होने में आ गया, सचिवालय निर्माण हेतु एक ईंट तक नहीं रखी गई।
- कोटा जिले की लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र के रायपुर चौराहे पर फ्लाईओवर बनाने की घोषणा थी जो केवल घोषणा ही बन कर रह गई।
- कोटा जिले में पैरा स्पोर्ट्स के लिए सोशल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने की घोषणा की गई थी, सरकार का जवाब है कि बजट नहीं आया।
"घोषणाएं केवल कागजों पर ही रह गई धरातल पर नहीं उतरी। आखिर घोषणाएं करनी ही क्यों है जब पूरा नहीं कर सकते, तो क्या केवल अखबारों के छपने के लिए जनता को गुमराह करते हो?"
वर्तमान बजट और कोटा के साथ सौतेला व्यवहार
गौतम ने वर्तमान बजट को सुनकर कहा कि "कोटा जिले के साथ तो पिछले बजट की तरह सौतेलापन किया गया है।"
बजट की शुरुआत प्रधानमंत्री का मूलमंत्र "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास" से हुई लेकिन राखी गौतम के अनुसार:
- यह मूलमंत्र तो पूर्ण रूप से धोखा देने वाला मंत्र प्रतीत होता है।
- वित्त मंत्री ने बजट भाषण में सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत पेंशन लाभार्थी के आंकड़े बताए लेकिन बुजुर्गों की महीनों-महीनों की पेंशन नहीं आने के मुद्दे आए दिन आते हैं।
- वरिष्ठ जन अपनी पेंशन नहीं आने की परेशानियों को लेकर सरकार में बैठे अधिकारियों के पास चक्कर लगाते रहते हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती।
स्वास्थ्य और रोजगार की बदहाल स्थिति
गौतम ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में गरीब रोगियों के लिए दवा एवं बीमारी की जांचों का दायरा नहीं बढ़ाया है। साथ ही कोटा शहर में चिकित्सा व्यवस्था इस प्रकार बहाल है कि:
- एमआरआई जैसी जांच के लिए मरीजों को 3 महीने की वेटिंग मिल रही है, आखिर गरीब तबके का व्यक्ति कहां जाए?
- शिक्षित बेरोजगारों के साथ रोजगार के अवसर की झूठी घोषणा की गई है।
- इससे पूर्व बजट में 1 लाख प्रति वर्ष नौकरी देने की घोषणा की थी जो झूठी साबित हुई है।
- 3 हजार नौकरी जलदाय विभाग में संविदा पर नौकरी की घोषणा केवल बेरोजगारों के साथ छलावा, हवा-हवाई जुमलेबाजी की गई है, ये "ऊंट के मुंह में जीरा" जैसी चरितार्थ साबित हो रही है।
सुरक्षा और अपराध पर प्रहार
राखी गौतम ने कहा कि कोटा के लिए कोई खास घोषणा नहीं की गई है। अपराध बढ़ रहे हैं, इसकी रोकथाम एवं सुरक्षा के लिए कोई योजना या विजन नहीं दिखा। महिलाओं के लिए कोई विशेष सुरक्षा का प्रावधान नहीं किया है।
"झूठे सपने दिखाकर राज्य की जनता को गुमराह कर रहे हैं, आमजन के साथ कुठाराघात किया है।" राखी गौतम ने अंत में कहा कि आम बजट में जुमलेबाजी की गई है, यह जनता के साथ छलावा करने वाला और बेहद निराशाजनक बजट है जिसे उन्होंने आमजन एवं गरीब विरोधी बताया है।

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