भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर प्रदेश के अन्नदाताओं के हित में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की समय सीमा बढ़ाने और पर्याप्त मात्रा में बारदाना (जूट के बोरे) उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है।

मनोज दुबे ने वर्तमान स्थिति पर गहरा संकट जताते हुए कहा कि सरकारी स्तर पर गेहूं खरीद की अंतिम तिथि 31 मई निर्धारित है, किंतु धरातल पर अभी भी लाखों किसानों की फसल की तुलाई शेष है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने गेहूं खरीद की अवधि विस्तार का निर्णय शीघ्र नहीं लिया, तो किसानों को अपनी खून-पसीने की गाढ़ी कमाई और मेहनत से उगाई गई फसल को खुले बाजार में व्यापारियों के हाथों औने-पौने दामों पर बेचने के लिए विवश होना पड़ेगा। यह स्थिति न केवल किसानों के आर्थिक शोषण का कारण बनेगी, बल्कि उन्हें भारी कर्ज के जाल में भी धकेल सकती है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सरकार को उनके चुनावी वायदे की याद दिलाते हुए कहा कि सत्ता के प्रतिनिधियों ने किसानों से गेहूं का एक-एक दाना समर्थन मूल्य पर खरीदने का भरोसा दिलाया था। इसके बावजूद, खरीद की समय सीमा समाप्त होने के कगार पर होने से किसान गहरी चिंता और मानसिक परेशानी के दौर से गुजर रहे हैं। दुबे ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पूरी खरीद सुनिश्चित करने के बजाय किसानों को अपनी जायज मांगों और समय सीमा बढ़वाने के लिए आंदोलन का मार्ग चुनने पर मजबूर किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था में घोर निंदनीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि किसानों के हित को सर्वोपरि रखते हुए गेहूं की शत-प्रतिशत खरीद सुनिश्चित की जाए और अविलंब समय सीमा में वृद्धि की घोषणा हो ताकि कोई भी पात्र किसान इस सरकारी प्रक्रिया से वंचित न रहे।

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