कोटा, 30 सितम्बर 2026। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (आरटीयू), कोटा ने परीक्षा परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया को डिजिटल, त्वरित, पारदर्शी, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में पेपरलेस रिजल्ट व्यवस्था लागू करने की पहल की है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. विवेक पाण्डेय के निर्देशन में रिजल्ट डिक्लेरेशन कमेटी (आरडीसी) की पूर्व प्रचलित व्यवस्था में बदलाव करते हुए परिणाम घोषणा प्रक्रिया को डिजिटल स्वरूप दिया जा रहा है।

सह जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि आरडीसी टीम ने वर्तमान परिणाम घोषणा प्रक्रिया का अध्ययन कर उसे पेपरलेस बनाने के लिए आवश्यक प्रणाली विकसित की है। नई व्यवस्था में परिणाम घोषणा समिति से संबंधित कार्यसूची, परिणाम विवरण, सारणीकरण पत्रक, समिति की टिप्पणियां, अनुमोदन, बैठक कार्यवृत्त और अन्य संबंधित दस्तावेज डिजिटल माध्यम से तैयार, प्रस्तुत, जांचे, अनुमोदित और सुरक्षित किए जा सकेंगे।

परीक्षा नियंत्रक प्रो. विवेक पाण्डेय ने बताया कि अधिकृत समिति सदस्य सुरक्षित डिजिटल माध्यम से परिणामों का परीक्षण कर अपनी टिप्पणियां और निर्णय दर्ज कर सकेंगे। व्यवस्था में भूमिका आधारित अधिगम, सुरक्षित प्रमाणीकरण, डिजिटल गतिविधि अभिलेख, संस्करण नियंत्रण, डिजिटल अनुमोदन और डिजिटल अभिलेखीकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इससे परिणाम प्रक्रिया के प्रत्येक चरण का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। किसी संशोधन की स्थिति में पुराने अभिलेख को सुरक्षित रखते हुए संशोधित अभिलेख का विवरण भी उपलब्ध रहेगा। परिणाम घोषणा के बाद संबंधित डिजिटल अभिलेख आवश्यकता पड़ने पर आसानी से प्राप्त किए जा सकेंगे।

कुलगुरु प्रो निमित चौधरी ने कहा, “यह पहल राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के पेपरलेस कार्यालय, डिजिटल प्रशासन और हरित परिसर की अवधारणा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।” उन्होंने कहा कि परिणाम घोषणा प्रक्रिया में कागजी दस्तावेजों पर निर्भरता कम होने से समय की बचत, कार्यकुशलता में वृद्धि, अभिलेखों के बेहतर प्रबंधन, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा। विश्वविद्यालय भविष्य में भी डिजिटल तकनीक, पेपरलेस प्रशासन और पर्यावरण-अनुकूल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देते हुए परीक्षा एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक दक्ष, पारदर्शी, सुरक्षित और सतत बनाने के प्रयास करेगा।

विश्वविद्यालय के वर्तमान अनुमान के अनुसार प्रत्येक सप्ताह लगभग 3 से 4 परिणाम परिणाम घोषणा समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं। प्रत्येक परिणाम से संबंधित कार्यसूची, परिणाम विवरण, सारणीकरण पत्रक, टिप्पणियों और अन्य दस्तावेजों में पृष्ठों की छपाई की आवश्यकता होती है। पेपरलेस रिजल्ट व्यवस्था लागू होने के बाद इन दस्तावेजों की छपाई में उल्लेखनीय कमी आएगी। औसत स्थिति के आधार पर लगभग 54,600 पृष्ठ प्रतिवर्ष डिजिटल किए जा सकते हैं।

पेपरलेस रिजल्ट व्यवस्था से विश्वविद्यालय में परिणाम संबंधी बड़ी संख्या में दस्तावेजों की छपाई कम होगी। कागज की खपत घटने से कार्बन उत्सर्जन के साथ कागज, छपाई, स्याही, भौतिक फाइलों के रखरखाव और दस्तावेजों के भौतिक आवागमन में भी कमी आएगी। इससे विश्वविद्यालय के संसाधनों के अधिक प्रभावी उपयोग में सहायता मिलेगी।

कागज की खपत में कमी का सीधा संबंध वन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से है। पेपरलेस रिजल्ट व्यवस्था से कागज की खपत और छपाई की आवश्यकता कम होने के साथ कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आने की संभावना है। इससे औसतन चार वयस्क पेड़ कटने से बचेंगे और प्रति वर्ष अनुमानित तीन टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम होगा। अनुमानित आंकड़ों के अनुसार लगभग 54,600 पृष्ठों की वार्षिक बचत से करीब 3.06 टन CO₂ के बराबर संभावित पर्यावरणीय प्रभाव में कमी का अनुमान है।

इस प्रकार राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय की पेपरलेस रिजल्ट व्यवस्था परिणाम घोषणा प्रक्रिया में कागजी दस्तावेजों की आवश्यकता घटाने के साथ डिजिटल अभिलेख, पारदर्शिता, सुरक्षित अनुमोदन और पर्यावरण-अनुकूल कार्यप्रणाली को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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