मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से मिले दोनों विश्वविद्यालयों के कुलगुरु, उच्च शिक्षा और विकास योजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से मिले दोनों विश्वविद्यालयों के कुलगुरु, उच्च शिक्षा और विकास योजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा

तस्वीर में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास और राजस्थान के विश्वविद्यालयों के कुलगुरु कार्यालय कक्ष में एक बड़ी मेज के चारों ओर बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं।
01 अगस्त को राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी और कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास से शिष्टाचार भेंट कर विश्वविद्यालयों के समग्र विकास, गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और भावी कार्ययोजना से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की।
सह जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी ने मुख्य सचिव को विश्वविद्यालय की वर्तमान शैक्षणिक गतिविधियों, शोध, नवाचार, उद्योग–संस्थान सहयोग, कौशल विकास तथा विद्यार्थियों के लिए संचालित रोजगारोन्मुखी पहलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तकनीकी शिक्षा को अधिक प्रभावी, नवाचारोन्मुख और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रो. चौधरी ने विश्वविद्यालय के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ बनाने, अनुसंधान को प्रोत्साहित करने तथा विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करने की अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
इस दौरान कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने विश्वविद्यालय का दीर्घकालिक विजन प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध एवं नवाचार, डिजिटल शिक्षा, उद्योग–शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग, कौशल विकास तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित विभिन्न पहलों की जानकारी मुख्य सचिव को दी। उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वविद्यालय और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने दोनों विश्वविद्यालयों की भावी योजनाओं और दोनों कुलगुरुओं के विकासोन्मुखी दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों को ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के उत्कृष्ट केंद्रों के रूप में विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वविद्यालयों की भूमिका को राज्य के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को नवाचार, अनुसंधान, उद्योग-अकादमिक सहयोग तथा विद्यार्थियों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि युवा वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार हो सकें।
मुख्य सचिव ने विश्वविद्यालयों के विकास तथा राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप आवश्यक सहयोग का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा राज्य के औद्योगिक विकास और आत्मनिर्भर राजस्थान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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