कोटा। संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी ने एक सराहनीय कदम उठाया है। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, कोटा में रक्त की कमी की जानकारी मिलते ही, कुलगुरु ने त्वरित संज्ञान लेते हुए रक्तदान शिविर का आयोजन कर एक संवेदनशील पहल की। यह आयोजन न केवल आपातकालीन चिकित्सा स्थितियों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने का माध्यम बना, बल्कि युवाओं में निस्वार्थ सेवा और मानवीय संवेदनाओं के प्रति एक नई अलख जगाने का कार्य भी किया।

इस विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी और 14 राजस्थान बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल डी.एस. समंत के कुशल मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से संपन्न हुआ। शिविर में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों, एनसीसी अधिकारियों, पीआई स्टाफ और एनसीसी कैडेट्स ने पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ अपनी सहभागिता दर्ज कराई। सह जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराना और समाज के युवाओं को रक्तदान जैसे पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करना था। शिविर के संचालन में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा टीम और 14 राजस्थान बटालियन एनसीसी का सक्रिय सहयोग रहा।

इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी ने रक्तदान को 'महादान' की संज्ञा देते हुए कहा कि यह एक ऐसा कार्य है जो किसी के जीवन को पुनर्जीवित कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेडिकल कॉलेज में रक्त की कमी को देखते हुए, विश्वविद्यालय परिवार और एनसीसी द्वारा किया गया यह प्रयास हमारे कर्तव्यबोध का प्रतीक है। प्रो. चौधरी ने सभी रक्तदाताओं का हृदय से आभार व्यक्त किया और आह्वान किया कि समाज का प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति नियमित अंतराल पर रक्तदान कर मानवता की सेवा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि एक अज्ञात व्यक्ति के प्राणों की रक्षा करने से बड़ा परोपकार और कोई नहीं हो सकता।

शिविर के दौरान गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों एवं ब्लड बैंक की टीम ने पूरी सतर्कता और तकनीकी कुशलता के साथ रक्त संग्रहण की प्रक्रिया को संपन्न किया। इस दौरान रक्तदाताओं को रक्तदान के स्वास्थ्य संबंधी लाभों और इसके महत्व के बारे में जागरूक भी किया गया। उपस्थित गणमान्य नागरिकों और बुद्धिजीवियों ने कुलगुरु की इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना की। कार्यक्रम का समापन एक सुखद संदेश के साथ हुआ, जहाँ यह रेखांकित किया गया कि इस प्रकार के सामाजिक सरोकार केवल आपातकालीन चिकित्सा आवश्यकता ही पूरी नहीं करते, बल्कि समाज में एकजुटता और संवेदनशीलता की भावना को भी सशक्त बनाते हैं।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

Next Story