तकनीकी शिक्षा को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में बड़े सुधारों का खाका सामने आया है, जिसका उद्देश्य शिक्षा को अधिक रोजगारपरक, कौशल-आधारित और समग्र बनाना है। इन सुधारों के तहत छात्रों को केवल ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उनके चरित्र और कौशल के समग्र विकास पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। तकनीकी शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति का समावेशन छात्रों को ज्ञानवान, कुशल, नवाचारी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो उन्हें वैश्विक तकनीकी क्षेत्र में मजबूत पहचान दिलाने में सहायक होगा।

प्रो. चौधरी ने कहा कि तकनीकी शिक्षा में सुधार से युवाओं के कौशल में वृद्धि होगी और देश तथा राजस्थान प्रदेश की शैक्षिक प्रगति को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन पहलों के माध्यम से तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे प्रदेश के युवा आत्मनिर्भर बनेंगे और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेंगे। राजस्थान में तकनीकी शिक्षा के पाठ्यक्रमों के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए आरटीयू का यह रोडमैप उद्योग-संगत कौशल और नवाचार को बढ़ावा देगा, जिससे रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूर्ण करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। यह नवाचार देश को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त आधार सिद्ध होगा। राजस्थान में तकनीकी शिक्षा में यह बदलाव न केवल शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाएगा, बल्कि राज्य को एक मजबूत, आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम भविष्य की ओर अग्रसर करेगा।

प्रो. चौधरी ने वर्तमान परिदृश्य पर जोर देते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा अब केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रह सकती। उद्योगों की बढ़ती आवश्यकताओं और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को देखते हुए शिक्षा को अधिक कौशल-आधारित और नवाचार-केंद्रित बनाना अनिवार्य हो गया है। आरटीयू की यह व्यापक पहल प्रदेश की तकनीकी शिक्षा को अधिक प्रभावी और प्रासंगिक बनाएगी।

उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में सफलता के लिए छात्रों को आवश्यक कौशल और ज्ञान से लैस करना जरूरी है। विश्वविद्यालय की मंशा राजस्थान को तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास का अग्रणी केंद्र बनाना है, जिससे प्रदेश के युवा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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