राजस्थान शिक्षक महासंघ का प्रदेश स्तरीय शैक्षिक अधिवेशन कोटा में सम्पन्न, पंच परिवर्तनों के माध्यम से शिक्षा और सामाजिक चेतना को मिलेगा नए आयाम
राजस्थान शिक्षक महासंघ का प्रदेश स्तरीय शैक्षिक अधिवेशन कोटा में संपन्न, जिसमें हजारों शिक्षकों ने भाग लिया। अधिवेशन में पंच परिवर्तन—सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोध, नागरिक कर्तव्य, स्वदेशी उपयोग और पर्यावरण संरक्षण—पर कार्य करने का आह्वान किया गया और शिक्षक हितों की प्रमुख मांगें प्रस्तुत की गईं।

कोटा। राजस्थान शिक्षक महासंघ का प्रदेश स्तरीय शैक्षिक अधिवेशन महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (मल्टीपरपज), गुमानपुरा, कोटा में भव्य और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। प्रदेशभर से हजारों शिक्षकों ने इस आयोजन में भाग लेकर शिक्षा और शिक्षक समुदाय की मजबूत एकजुटता का परिचय दिया।
अधिवेशन का शुभारंभ प्रदेश अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा एवं प्रदेश और जिला कार्यकारिणी द्वारा विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी उजागर हुआ। अधिवेशन का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि राजेश बिरला (चेयरमैन, कोटा नागरिक सहकारी बैंक) ने किया। साथ ही विशिष्ट अतिथि पंकज मेहता (वरिष्ठ नेता, भाजपा), अनिल तिवारी (मीडिया प्रभारी, भाजपा) एवं चंद्रप्रकाश महावर (रामपुरा मंडल अध्यक्ष, भाजपा) ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण कर कार्यक्रम का औपचारिक आरंभ किया।
मुख्य अतिथि राजेश बिरला ने अपने संबोधन में शिक्षक समाज की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण में मार्गदर्शक और संस्कारों के संवाहक होते हैं। पंकज मेहता ने शिक्षक हितों को सरकार तक पहुँचाने का आश्वासन दिया, वहीं अनिल तिवारी ने गुरु की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षक समाज के मूल्य और संस्कार स्थापित करने में केंद्रीय भूमिका निभाता है।
प्रदेश अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में महासंघ द्वारा पंच परिवर्तन—सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोध, नागरिक कर्तव्य, स्वदेशी उपयोग और पर्यावरण संरक्षण—पर निरंतर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने शिक्षकों की विविध मांगों को मंच से रखा, जिनमें नियमित विभागीय पदोन्नति, स्थानांतरण नीति का निर्माण, गैर-शैक्षिक कार्यों से मुक्ति, पुरानी पेंशन योजना को बनाए रखना, ग्रामीण भत्ता, अवकाश अवधि में परीक्षाओं का आयोजन न करना, क्षतिपूर्ति अवकाश और यात्रा भत्ता, तथा अनुकम्पा नियुक्ति में न्यूनतम तृतीय श्रेणी अध्यापक पद शामिल हैं।
अधिवेशन में प्रदेश पदाधिकारियों और जिला कार्यकारिणी सदस्यों के अलावा हनुमान प्रसाद मेघवाल, उदयवीर सिंह कुशवाह, रोहित प्रजापति, रूपेश गुप्ता, रामेश्वर मेघवाल, अनिल शर्मा, अन्तिम जायसवाल, मुकेश आज़ाद, प्रमेन्द्र कुमावत, रईसुद्दीन खान, नरेंद्र पहाड़िया, अशोक मेहरा, एजाज खान, लोकेश शाक्यवाल, श्यामसुंदर गुप्ता, हेमंत शर्मा, हेमराज मेरोठा, ज्योति रजोरा, मधु वासवानी, विनिती चौरसिया, मनीषा गुप्ता सहित बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अधिवेशन का संचालन नीता डांगी और लोकेश शाक्यवाल ने किया, जबकि कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ हुआ। पारित प्रस्तावों के माध्यम से महासंघ ने शिक्षक हितों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया, जिससे शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद और भी मजबूत हुई।
- राजस्थान शिक्षक महासंघ शैक्षिक अधिवेशन कोटाRajasthan Teacher Federation Educational Conference Kotaकोटा शिक्षक सम्मेलन 2025Panch Parivartan शिक्षा कार्यक्रमशिक्षक हित मांगें कोटाTeacher Welfare Demands Kotaराजस्थान शिक्षक प्रशिक्षण सम्मेलनEducational Seminar for Teachers Rajasthanकोटा शिक्षा अधिवेशन समाचारTeacher Conference Panch Changes Rajasthanशिक्षकों की पदोन्नति और पेंशनTeacher Promotion and Pension Rajasthanकोटा स्कूल कार्यक्रम 2025Teacher Awareness and Social Change Kotaराजस्थान शिक्षक संगठन समाचार

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
