राजस्थान में रबी फसलों पर संकट, खाद-बिजली और नहरी पानी की कमी पर मनोज दुबे ने उठाई आवाज
भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री भजनलाल को पत्र लिखकर रबी फसलों की बुवाई के दौरान खाद, बिजली और नहरी पानी की किल्लत दूर करने की मांग की।

भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे, जिन्होंने राजस्थान में रबी फसलों की बुवाई के दौरान खाद, बिजली और नहरी पानी की किल्लत को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
कोटा, 13 अक्टूबर। राजस्थान में रबी फसलों की बुवाई के बीच खाद, बिजली और नहरी पानी की कमी का मुद्दा उठाते हुए भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद, बिजली और नहरी पानी उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसान डीएपी-यूरिया खाद की किल्लत, अघोषित बिजली कटौती और सिंचाई के लिए नहरी पानी की कमी से जूझ रहे हैं, जिससे सरसों, गेहूं, चना, जौ और मटर सहित रबी की फसलों पर संकट गहराता जा रहा है।
मनोज दुबे ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार में किसानों को खाद, बिजली और नहरी पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल रही है और बिजली की आपूर्ति समय पर नहीं होने के साथ नहरों में भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है। इन परिस्थितियों के कारण रबी की फसलें प्रभावित हो रही हैं और किसानों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि रबी फसलों की बुवाई के दौरान खाद, पानी और बिजली की कमी ने किसानों को भारी परेशानी में डाल दिया है। प्रदेश में खाद, पानी और बिजली के संकट से किसान बेहाल हैं। उन्होंने सरकार से नहरों में पानी छोड़ने, किसानों को निर्धारित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने और अघोषित बिजली कटौती बंद करने की मांग की, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
मनोज दुबे ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती लगातार जारी है। खाद की किल्लत के कारण किसानों को ब्लैक में महंगी कीमत पर यूरिया और डीएपी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि खाद के साथ अटैचमेंट, खाद की कमी और कालाबाजारी की समस्या किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है।
उन्होंने भाजपा सरकार पर किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीएपी-यूरिया खाद, बीज, पानी और बिजली उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, किसानों को खाद, बिजली और सिंचाई जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। इन आवश्यक संसाधनों की कमी के कारण खेती से जुड़े काम प्रभावित हो रहे हैं और किसानों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।
मनोज दुबे ने कहा कि रबी हो या खरीफ, खाद की किल्लत अब आम समस्या बन गई है और प्रदेश के किसानों को लगातार खाद संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रबी फसलों की बुवाई के समय किसानों को खेतों में काम करना चाहिए, लेकिन वे सुबह से ही खाद लेने के लिए कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं। इसके बावजूद कई किसानों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। उन्होंने इस स्थिति को बेहद शर्मनाक बताते हुए सरकार से खाद, बिजली और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की मांग दोहराई।

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