राजस्थान को 2027 तक ऊर्जा सरप्लस बनाने के लिए कोटा में नया पावर ट्रांसफार्मर शुरू
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने सकतपुरा जीएसएस में 20.94 करोड़ के ट्रांसफार्मर का लोकार्पण किया, 20 हजार करोड़ के निवेश से सुधरेगा बिजली तंत्र।

कोटा के सकतपुरा 220 केवी ग्रिड सब-स्टेशन में मंगलवार को 20.94 करोड़ रुपए की लागत वाले नए पावर ट्रांसफार्मर का स्विच दबाकर लोकार्पण करते राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर (दाएं से दूसरे) और उपस्थित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी।
राजस्थान को आगामी वर्ष 2027 तक देश का प्रमुख ऊर्जा सरप्लस राज्य बनाने और किसानों को दिन के समय बिना किसी बाधा के बिजली मुहैया कराने के दृढ़ संकल्प के साथ प्रदेश के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक कदम उठाया। ऊर्जा मंत्री ने कोटा के सकतपुरा स्थित 55 वर्ष पुराने ऐतिहासिक 220 केवी ग्रिड सब-स्टेशन (जीएसएस) में 20.94 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से नवनिर्मित 220/132 केवी, 200 एमवीए क्षमता के अत्याधुनिक नवीन पावर ट्रांसफार्मर का विधिवत लोकार्पण किया। इस नए और आधुनिक ट्रांसफार्मर के सफलतापूर्वक चालू होने से इस महत्वपूर्ण सब-स्टेशन की कुल विद्युत क्षमता 460 एमवीए से सीधे बढ़कर अब 560 एमवीए हो गई है, जिससे चालू भीषण गर्मी के इस दौर में पीक लोड के दौरान भी समूचे क्षेत्र में बिना किसी ट्रिपिंग के पूरी तरह निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
भव्य लोकार्पण समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी विजन के अनुसार साल 2027 तक प्रदेश के सभी जिलों में किसानों को दिन के समय दो ब्लॉक में पर्याप्त और निर्बाध बिजली देने का संकल्प हर हाल में पूरा किया जाएगा। उन्होंने रेखांकित किया कि वर्तमान में राज्य के 26 जिलों में यह किसान हितैषी व्यवस्था सफलतापूर्वक लागू की जा चुकी है। मंत्री नागर ने बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर देते हुए बताया कि राज्य के विद्युत प्रसारण और वितरण तंत्र को पूरी तरह आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाने के लिए सरकार वर्तमान में 20 हजार करोड़ रुपए का भारी निवेश कर रही है।
इस दौरान पूर्ववर्ती सरकार की कार्यशैली पर कड़ा निशाना साधते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस शासन के पूरे 5 वर्षों के कार्यकाल में राज्य में मात्र 44 जीएसएस का निर्माण किया गया था, जबकि इसके विपरीत वर्तमान भाजपा सरकार ने महज 2 साल के अल्प कार्यकाल में ही रिकॉर्ड 61 जीएसएस का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है। इसके अतिरिक्त, वर्तमान में 150 नए जीएसएस पर निर्माण कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है और आगामी समय में 200 और नए जीएसएस बनाए जाएंगे, जबकि समूचे वितरण तंत्र को मजबूती प्रदान करने के लिए 400 जीएसएस पूरी तरह तैयार किए जा चुके हैं।
भविष्य की महत्वाकांक्षी योजनाओं और ऊर्जा सुरक्षा पर विस्तृत चर्चा करते हुए मंत्री नागर ने दावा किया कि राजस्थान बेहद जल्द पूरे देश में सोलर एनर्जी (सौर ऊर्जा) का सबसे बड़ा हब बनकर उभरेगा। दिन के समय उत्पादित होने वाली और व्यर्थ जाने वाली सौर ऊर्जा को भविष्य के लिए सुरक्षित सहेजने के उद्देश्य से ग्रिड स्तर पर अत्याधुनिक 'बैटरी स्टोरेज सिस्टम' स्थापित किए जा रहे हैं। इसी दूरगामी कड़ी में कोटा के सकतपुरा जीएसएस को 250 करोड़ रुपए की भारी लागत से निर्मित हो रहे 125 मेगावाट के अत्यंत महत्वाकांक्षी 'बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम' से सीधे जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही, पर्यावरण अनुकूल इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य भर में चिन्हित 262 महत्वपूर्ण स्थानों पर 592 नए चार्जिंग स्टेशन तीव्र गति से बनाए जा रहे हैं।
इस ऐतिहासिक और गरिमामयी सांगठनिक अवसर पर विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण, जिनमें मुख्य रूप से एसई सुनील श्रौत्रीय, एसई शिवचरण जांगिड़, एसई (सिविल) परम सुखलाल और एक्सईएन चित्तौड़ा शामिल थे, प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। समूचे गरिमामय कार्यक्रम का कुशल एवं सफल संचालन बजरंग लाल नागर द्वारा संपन्न किया गया। यह आधुनिक ग्रिड सुदृढ़ीकरण न केवल कोटा बल्कि संपूर्ण राजस्थान की भावी औद्योगिक और कृषि ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में एक मील का पत्थर साबित होगा।

Pratahkal Bureau
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