कोटा थर्मल में ‘एक बारीय विशेष स्थानांतरण योजना’ पर पदोन्नति विवाद, तकनीकी कर्मचारियों के दोहरे लाभ ने बढ़ाई उलझन
कोटा सुपर थर्मल में ‘एक बारीय विशेष स्थानांतरण योजना-2018’ और ‘टाइम बाउंड प्रमोशन पॉलिसी’ में दोहरे लाभ को लेकर तकनीकी कर्मचारियों के पदोन्नति विवाद ने संगठनों और प्रशासन के बीच तनाव बढ़ा दिया। रामसिंह शेखावत ने मुख्य अभियंता श्रीमती शशि अग्रवाल को ज्ञापन सौंपकर समाधान की मांग की।

कोटा, 23 दिसंबर। कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन में तकनीकी कर्मचारियों की पदोन्नति को लेकर गंभीर विवाद उठ खड़ा हुआ है। राजस्थान विद्युत उत्पादन कर्मचारी संघ, कोटा थर्मल के अध्यक्ष रामसिंह शेखावत ने मुख्य अभियंता श्रीमती शशि अग्रवाल को ज्ञापन सौंपते हुए ‘एक बारीय विशेष स्थानांतरण योजना-2018’ और ‘टाइम बाउंड प्रमोशन पॉलिसी’ में उत्पन्न विसंगतियों को तत्काल दूर करने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि इस योजना के तहत अन्य विद्युत गृहों से कोटा थर्मल में आए कुछ तकनीकी कर्मचारियों को दोहरा लाभ दिया गया, जिससे कोटा थर्मल के वरिष्ठ तकनीकी कर्मचारी अपने पदों में कनिष्ठ हो गए। शेखावत ने कहा कि थर्मल प्रशासन ने योजना के निर्देश संख्या-8 की अवहेलना कर इन कर्मचारियों को उनके पूर्व विद्युत गृह के आधार पर पदोन्नति दिला दी और उन्हें नवीन पद पर कार्यग्रहण करवा दिया।
विवादित स्थिति पर ध्यान आकर्षित करने के लिए श्रम संघों ने बार-बार प्रशासन को अवगत कराया। इसके बाद प्रशासन ने दोहरा लाभ प्राप्त कर्मचारियों से विकल्प पत्र भरवाया, जिसमें स्पष्ट निर्देश थे कि पदोन्नति लेने वाले कर्मचारियों को अपने पुराने विद्युत गृह लौटना होगा, जबकि पदोन्नति छोड़ने वाले कोटा थर्मल में बने रह सकते हैं। लेकिन विकल्प पत्र भरवाने के बाद प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
संगठन द्वारा पुनः मामले को उठाए जाने पर प्रशासन ने ‘टाइम बाउंड प्रमोशन पॉलिसी’ अपनाने का विकल्प पेश किया। हालांकि, दोहरा लाभ प्राप्त कर्मचारियों ने इस विकल्प पत्र को नहीं भरा और नियमों की अवहेलना की। इसके बावजूद 19 दिसंबर, 2025 को थर्मल प्रशासन ने आदेश जारी किया, जो कोटा स्थानांतरण होकर आए कर्मचारियों के हित में नहीं है। आदेश में केवल ‘एक बारीय विशेष स्थानांतरण योजना 2011, 2012 और 2018’ को संशोधित करने की बात कही गई, जो सभी तकनीकी कर्मचारियों के हितों पर सवाल उठाती है।
ज्ञापन में उर्जा मंत्री से आग्रह किया गया है कि जो कर्मचारी कोटा थर्मल में कार्यग्रहण करने के बाद अपने पुराने विद्युत गृह से दोहरा लाभ ले चुके हैं, उनके पदोन्नति लाभ को निरस्त कर उन्हें ‘टाइम बाउंड प्रमोशन पॉलिसी’ के तहत कार्यरत किया जाए। इससे लंबे समय से चली आ रही पदोन्नति विवाद की स्थायी समाप्ति संभव हो सकेगी।
इस विवाद से न केवल कर्मचारियों में असंतोष बढ़ा है, बल्कि यह कोटा थर्मल प्रशासन की पदोन्नति और स्थानांतरण नीतियों की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़ा करता है।
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Pratahkal Bureau
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