कोटा, 26 फरवरी। कोटा के प्रसिद्ध गायक और कलाकार प्रिंस वर्मा का नया हिंदी भजन टी-सीरीज पर गुरुवार को लॉन्च हो गया है। यह भजन भगवान खाटू श्याम पर आधारित ‘श्याम कभी अपने दर से दूर हमें ना करना’ है। यह उनका पहला हिंदी भजन है, जो बड़े लेवल पर टी-सीरीज जैसे प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुआ है। करीब 7 मिनट के इस भजन को उन्होंने खुद गाया है और इसके बोल भी स्वयं लिखे हैं। यानी गायक, लिरिसिस्ट और लीड रोल में प्रिंस वर्मा स्वयं हैं, जबकि इसके म्यूजिक डायरेक्टर जाने-माने सिंगर बप्पी लहरी हैं। यह भजन टी-सीरीज भक्ति सागर के प्लेटफॉर्म के साथ-साथ यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सभी प्रमुख प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है। इसका टीजर व प्रमोशन वीडियो 24 फरवरी 2026 को जारी हुआ था और फुल वीडियो सॉन्ग गुरुवार को रिलीज किया गया है। यह रिलीज भक्ति जगत में काफी चर्चा का विषय बन रही है, खासकर टी-सीरीज जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर प्रिंस वर्मा की एंट्री के साथ राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़कर प्रिंस एवं उनकी टीम को बधाई दी।

भक्त के संघर्ष और अटूट श्रद्धा की कहानी

यह भजन ‘श्याम कभी अपने दर से दूर हमें ना करना’ एक श्याम बाबा के भक्त की कहानी पर आधारित है। वीडियो में दिखाया गया है कि वह एक ऑफिस में काम करता है और वहां से लाखों कठिनाइयों व अवरोधों के बाद भी समय निकालकर बाबा के दर पर दर्शन के लिए जाता है। इस पूरी भावपूर्ण कहानी को वीडियो में फिल्माया गया है, जिसमें लीड रोल खुद प्रिंस वर्मा कर रहे हैं और उनके साथ कोटा की इन्फ्लुएंसर सोना रसानिया नजर आ रही हैं। प्रिंस वर्मा का कहना है कि "पिता की कृपा और भगवान खाटू श्याम बाबा का आशीर्वाद ही उन्हें इस क्षेत्र में आगे बढ़ने की ताकत देता है।"

खाटू श्याम दर्शन से उपजे भजन के बोल

भजन के शुरुआती बोल प्रिंस को खाटू श्याम दर्शन के दौरान प्राप्त हुए थे। उनकी कृपा से मिले शब्दों को उन्होंने आगे बढ़ाया और फिर यह पूरा भजन गीत "जीना मुश्किल हो जाएगा दूर जो तूने हमको किया, श्याम कभी अपने दर से दूर हमें ना करना" तैयार हुआ। यह पूरा गीत सिर्फ एक महीने में तैयार हो गया था, लेकिन इसकी वीडियो शूटिंग और टी-सीरीज तक पहुंचने की प्रक्रिया में कुल 8 महीने का समय लगा। वीडियो की मुख्य शूटिंग रींगस स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर में हुई है। इसके अलावा जयपुर की कई लोकेशन, नेशनल हाईवे, कोटा के अंकलन व शिव ज्योति स्कूल और कोटा के सुवालका मोटर्स पर भी दृश्य फिल्माए गए हैं। प्रिंस वर्मा कहते हैं कि "यह गीत पूरी तरह बाबा श्याम की कृपा से बना है और यह भजन भक्तों के लिए एक प्रार्थना है कि श्याम बाबा कभी अपने दरबार से दूर न करें।"

राजस्थानी भजनों से बनाई पहचान और पारिवारिक संगीत विरासत

प्रिंस वर्मा कोटा के जाने-माने गायक हैं और इससे पहले उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर राजस्थानी लोकगीत भजन गाकर धमाल मचाया था। उनका हिट राजस्थानी भजन ‘चाला श्याम का मंदिर में फागण मेलो आयो रे, खाटू से हैलो आयो रे’ सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हुआ था, जिसने कई भजन संध्याओं में समां बांध दिया। प्रिंस का कहना है कि उनका परिवार संगीत के क्षेत्र में काफी आगे है। उनके पिता राजेंद्र कुमार वर्मा भी अच्छे गीतकार थे और उन्हीं की प्रेरणा से वे गीत गा रहे हैं। उनकी दादी मोहिनी देवी वर्मा, जो महात्मा गांधी स्कूल में संगीत की शिक्षक थीं, उनसे ही प्रिंस ने संगीत की अधिकांश शिक्षा ली है। उनके दादा नगर निगम से सेवानिवृत मदन मोहन वर्मा थे और उनके चाचा राजेश वर्मा भी संगीतकार रहे हैं। इस सफर में उनकी बुआ रेखा राव, पत्नी कुसुमलता, बेटा शिवम, बेटी यशस्वी एवं छोटे भाई मधुप का भी पूर्ण सहयोग रहा है।

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Pratahkal Bureau

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