कोटा: पिप्पलेश्वर महादेव मंदिर में सहस्रघट महारुद्राभिषेक का आयोजन
श्री पिप्पलेश्वर महादेव मंदिर के छठे पाटोत्सव पर विश्व कल्याण के लिए 1008 छिद्रों वाली जलेरी से सहस्रघट महारुद्राभिषेक और भजन संध्या संपन्न हुई।

कोटा के महावीर नगर तृतीय स्थित श्री पिप्पलेश्वर महादेव मंदिर में पाटोत्सव के दौरान महंत श्री रघुनाथदास महाराज और संतों की उपस्थिति में सहस्रघट महारुद्राभिषेक करते श्रद्धालु।
महावीर नगर तृतीय, कंपटीशन कॉलोनी स्थित श्री पिप्पलेश्वर महादेव मंदिर में षष्ठम प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव (पाटोत्सव) के अवसर पर सहस्रघट महारुद्राभिषेक एवं भजन संध्या का भव्य आयोजन किया गया। श्री पिप्पलेश्वर महादेव मंदिर समिति एवं दिवाथर्व विकास फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस पावन अनुष्ठान में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए और महादेव के जयकारों से मंदिर परिसर गुंजायमान रहा।
मंदिर समिति के अध्यक्ष भारतभूषण अरोड़ा ने बताया कि वृंदावनधाम से पधारे महंत श्री रघुनाथदास महाराज (महंत, श्री राममंदिर, वृंदावन) एवं संत श्यामाचरण जी महाराज के सान्निध्य में आचार्य त्रिलोक शर्मा के नेतृत्व में 11 विद्वान पंडितों ने विधिवत सहस्रघट महारुद्राभिषेक सम्पन्न कराया। महंत श्री रघुनाथदास महाराज एवं संत श्यामाचरण जी महाराज ने बताया कि यह महारुद्राभिषेक विश्व कल्याण के हितार्थ आयोजित किया गया। सर्वप्रथम शिवपंचायत का विधिवत पूजन किया गया, तत्पश्चात अभिषेक के जल को समस्त तीर्थों के जल, जटामांसी, उशीर एवं विभिन्न फलों के रस से सुसज्जित कर अनुष्ठान प्रारंभ किया गया।
महामंत्री जागेश्वर पाल गौड़ के अनुसार प्रातः 11 बजे विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ सहस्रघट महारुद्राभिषेक का शुभारंभ हुआ। शिव परिवार के पूजन के उपरांत 1008 छिद्रों वाली जलेरी में शुद्ध जल भरकर निरंतर सहस्रबार अभिषेक किया गया। इस दौरान बच्चों, महिलाओं एवं पुरुषों ने कतार बनाकर घट-पूजन स्थल तक जल पहुँचाया और घंटों तक इस पुण्य कार्य में सहभागी बने रहे। अंत में श्रद्धालुओं ने सामूहिक महाआरती में भाग लेकर आयोजन को पूर्ण किया।
सायंकालीन कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष कुलदीप माहेश्वरी ने जानकारी दी कि श्री पिप्पलेश्वर वाटिका में भजन गायिका आरुषी गंभीर ने रसमय भजनों की प्रस्तुति दी। ‘श्याम सलोना रूप है तेरा, घुंघराले हैं बाल’, ‘तू न संभाले तो कौन संभाले’, ‘श्यामा सुंदर मदन मोहन बाँसुरीवाले’, ‘मेरा सोया भाग जगा दे’, ‘हे श्यामा मोहे श्याम से मिला दे’, ‘श्यामा प्यारी भानु दुलारी, सुन लो मेरी पुकार’ तथा ‘आ जा साँवरे, मैं गिरधर की, गिरधर मेरे’ जैसे भजनों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया और वे भक्ति में झूमने लगे। मंदिर परिसर में राधा-कृष्ण की सुंदर झाँकी भी सजाई गई, जिसने पूरे आयोजन की आध्यात्मिक छटा को और अधिक मनोहारी बना दिया।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामूहिक सहभागिता और विश्व कल्याण की भावना को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करता हुआ संपन्न हुआ।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
