पीसीसी सचिव शिवकांत नंदवाना ने केडीए कमिश्नर से की मुलाकात, देवनारायण योजना में सुधार की मांग
कोटा में पीसीसी सचिव शिवकांत नंदवाना ने केडीए कमिश्नर से मुलाकात कर देवनारायण योजना में सुधार की मांग की। उन्होंने शहर की सड़कों पर लड़ते मवेशियों से नागरिकों की सुरक्षा खतरे में बताई और योजना में सुविधाओं के पुनर्विकास की आवश्यकता पर जोर दिया।

कोटा, 19 दिसंबर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव शिवकांत नंदवाना ने शुक्रवार को कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) के कमिश्नर से मुलाकात कर शहर में बढ़ते पशु संकट और देवनारायण योजना में सुधार की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शहर की सड़कों पर लड़ते हुए मवेशियों से नागरिकों का जीवन खतरे में है और इस समस्या का समाधान केवल योजना को पुनर्जीवित करके ही संभव है।
शिवकांत नंदवाना ने बताया कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान यूडीएच मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने देवनारायण योजना के तहत 300 करोड़ रुपए खर्च कर पशुपालकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की थीं। इसका उद्देश्य पूरे शहर को “कैटल-फ्री” बनाना और पशुपालकों के लिए सुरक्षित व सुविधाजनक वातावरण तैयार करना था। उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार में राजनीतिक कारणों से इस योजना की उपेक्षा की गई, जिसके परिणामस्वरूप गैस प्लांट बंद हो गया, गोबर प्रबंधन ठप हो गया और पानी- बिजली जैसी आधारभूत सुविधाएं भी प्रभावित हुईं।
नंदवाना ने जोर देकर कहा कि उपेक्षा के कारण पशुपालक देवनारायण योजना से मोहभंग होकर वापस शहर में आकर बस गए। इसके परिणामस्वरूप, शहर की सड़कों पर लड़ते हुए मवेशियों से दुर्घटनाएं बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं, बच्चे और वृद्ध अब सड़क पर अकेले निकलने में असहज महसूस कर रहे हैं, और शहर की साफ-सफाई व सौंदर्यीकरण भी प्रभावित हो रहा है।
पीसीसी सचिव ने कोटा विकास प्राधिकरण से आग्रह किया कि वे योजना में पुनः सभी संसाधनों को विकसित करें, पानी- बिजली सहित आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित करें और पशुपालकों को वापस देवनारायण योजना में बसाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केडीए इस ओर ध्यान नहीं देता है तो कांग्रेस को आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
इस अवसर पर पूर्व पार्षद नरेंद्र खींची, देवेश तिवारी, पूर्व उप प्रधान दिनेश राठौर, परमानंद सैनी, मनोज गुर्जर, ओकेंद्र चौधरी, हरीश सोनी, कृष्णा सिंगौर, यश गौतम, जीशान अली, नितेश महावर, महमूद भाई, गोलू तिवारी, इंदर नागर और पवन यादव सहित कई अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
देवनारायण योजना में सुधार और पशु संकट के समाधान के लिए उठाया गया यह कदम, शहरवासियों की सुरक्षा और कोटा के शहरी सौंदर्यीकरण के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
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Pratahkal Bureau
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