कोटा नगर स्थित भगवान परशुराम वाटिका की स्वच्छता, धार्मिक पवित्रता और मूल उद्देश्य को लेकर ब्राह्मण समाज ने आवाज बुलंद की है। ब्राह्मण कल्याण परिषद ने रविवार को कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा को ज्ञापन सौंपकर भगवान परशुराम वाटिका की धार्मिक गरिमा बनाए रखने तथा वहां आयोजित गतिविधियों को आस्था के अनुरूप संचालित करने की मांग की।

परिषद द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि “भगवान परशुराम वाटिका” का नाम भगवान परशुराम जी के पावन नाम पर रखा गया है। भगवान परशुराम जी ब्राह्मण समाज की आस्था, संस्कार और पवित्रता के प्रतीक माने जाते हैं। ऐसे में इस स्थान की धार्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा बनाए रखना प्रशासन और संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है।

परिषद पदाधिकारियों ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि वर्तमान में उक्त स्थान पर विभिन्न प्रकार के सामाजिक एवं सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन सभी धर्मों और समुदायों के आयोजनों को समान रूप से अनुमति प्रदान कर रहा है, तो केवल “भगवान परशुराम वाटिका” नाम रखकर ब्राह्मण समाज की धार्मिक भावनाओं का उपयोग करना उचित प्रतीत नहीं होता। समाज ने मांग की कि नाम और वास्तविक उपयोग के बीच समानता सुनिश्चित की जाए।

ज्ञापन में विशेष रूप से मांग उठाई गई कि भगवान परशुराम वाटिका की स्वच्छता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाए। वहां आयोजित होने वाले कार्यक्रमों, खान-पान और अन्य गतिविधियों का स्वरूप धार्मिक गरिमा के अनुरूप निर्धारित किया जाए। साथ ही वाटिका के मूल उद्देश्य और धार्मिक मर्यादा को स्पष्ट रूप से सुरक्षित रखा जाए, ताकि समाज की आस्था और स्थल की पहचान प्रभावित न हो।

परिषद पदाधिकारियों ने कहा कि आस्था और सामुदायिक उपयोग दोनों अलग-अलग विषय हैं तथा दोनों के बीच संतुलन और मर्यादा बनाए रखना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने ब्राह्मण समाज की धार्मिक भावनाओं और आस्था का सम्मान करते हुए आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की।

इस दौरान ब्राह्मण कल्याण परिषद के संयोजक अनिल तिवारी, संभाग अध्यक्ष ब्रजराज गौतम, शहर अध्यक्ष धर्मेंद्र दीक्षित, महामंत्री रुपेश शर्मा, संभागीय संगठन मंत्री राजेंद्र शर्मा, महामंत्री पुरुषोत्तम शर्मा, राकेश शर्मा, विनोद शर्मा, मोहित गौतम, पीयूष शर्मा, जितेंद्र चतुर्वेदी, शीला तिवारी, वर्षा दीक्षित एवं लक्की शर्मा सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। ज्ञापन सौंपने की इस कार्रवाई ने भगवान परशुराम वाटिका के धार्मिक स्वरूप, प्रशासनिक जिम्मेदारी और सामाजिक उपयोग को लेकर नई बहस को जन्म दे दिया है।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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