भगवान परशुराम वाटिका की पवित्रता के लिए विधायक संदीप शर्मा को ज्ञापन
कोटा में ब्राह्मण कल्याण परिषद ने वाटिका की धार्मिक मर्यादा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए विधायक को मांग पत्र सौंपा।

कोटा में विधायक संदीप शर्मा को भगवान परशुराम वाटिका के संरक्षण हेतु ज्ञापन सौंपते ब्राह्मण कल्याण परिषद के पदाधिकारी अनिल तिवारी, ब्रजराज गौतम, धर्मेंद्र दीक्षित व अन्य।
भगवान परशुराम वाटिका की स्वच्छता, धार्मिक पवित्रता और मूल उद्देश्य को सुरक्षित रखने की मांग को लेकर रविवार को ब्राह्मण कल्याण परिषद ने कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा को ज्ञापन सौंपा। परिषद पदाधिकारियों ने कहा कि भगवान परशुराम जी ब्राह्मण समाज की आस्था, संस्कार और पवित्रता के प्रतीक हैं, ऐसे में उनके नाम पर स्थापित वाटिका की धार्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा हर स्थिति में संरक्षित रहनी चाहिए।
ज्ञापन में बताया गया कि कोटा नगर स्थित “भगवान परशुराम वाटिका” का नाम भगवान परशुराम जी के पावन नाम पर रखा गया है। यह स्थान केवल एक सार्वजनिक स्थल नहीं, बल्कि ब्राह्मण समाज की धार्मिक भावनाओं और आस्था से जुड़ा केंद्र है। परिषद ने कहा कि वर्तमान में उक्त स्थान पर विभिन्न प्रकार के सामाजिक एवं सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे वाटिका के मूल स्वरूप और धार्मिक मर्यादा पर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
परिषद पदाधिकारियों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रशासन द्वारा सभी धर्मों और समुदायों के आयोजनों को समान रूप से अनुमति प्रदान की जा रही है, तो केवल “भगवान परशुराम वाटिका” नाम रखकर ब्राह्मण समाज की धार्मिक भावनाओं का उपयोग करना उचित प्रतीत नहीं होता। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आस्था और सामुदायिक उपयोग दोनों अलग विषय हैं तथा इनके बीच संतुलन और मर्यादा बनाए रखना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि भगवान परशुराम वाटिका की स्वच्छता एवं पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाए। वहां आयोजित होने वाले कार्यक्रमों, खान-पान एवं अन्य गतिविधियों का स्वरूप धार्मिक गरिमा के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए। साथ ही वाटिका के मूल उद्देश्य और धार्मिक मर्यादा को स्पष्ट रूप से सुरक्षित रखा जाए, ताकि नाम और वास्तविक उपयोग में समानता बनी रहे तथा समाज की आस्था प्रभावित न हो।
ब्राह्मण कल्याण परिषद ने विधायक संदीप शर्मा से ब्राह्मण समाज की धार्मिक भावनाओं और आस्था का सम्मान करते हुए आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की। इस दौरान परिषद के संयोजक अनिल तिवारी, संभाग अध्यक्ष ब्रजराज गौतम, शहर अध्यक्ष धर्मेंद्र दीक्षित, महामंत्री रुपेश शर्मा, संभागीय संगठन मंत्री राजेंद्र शर्मा, महामंत्री पुरुषोत्तम शर्मा, राकेश शर्मा, विनोद शर्मा, मोहित गौतम, पीयूष शर्मा, जितेंद्र चतुर्वेदी, शीला तिवारी, वर्षा दीक्षित एवं लक्की शर्मा सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। धार्मिक पहचान से जुड़े इस मुद्दे ने अब सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर नई चर्चा को जन्म दे दिया है।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
