कोटा, 4 मई 2026। राजस्थान पर्यटन विभाग की "पधारो म्हारे देश" योजना के अंतर्गत अब उन संभागों के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई जाएगी, जो अब तक प्रचार-प्रसार की मुख्यधारा से दूर रहे हैं। इस क्रम में होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष हुसैन खान एवं कोटा डिवीजन अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शासन सचिव (पर्यटन) सूची त्यागी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने हाड़ौती क्षेत्र के ऐतिहासिक, धार्मिक और आधुनिक पर्यटन स्थलों की ब्रांडिंग करने तथा आगामी "कोटा हाड़ौती ट्रैवल मार्ट-2" की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए सरकार से सहयोग का आग्रह किया।

प्रतिनिधिमंडल की मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए पर्यटन सचिव सूची त्यागी ने स्पष्ट किया कि विभाग उन क्षेत्रों पर विशेष फोकस कर रहा है जिनका अब तक पर्याप्त प्रचार नहीं हो पाया है। उन्होंने घोषणा की कि राजस्थान की झीलों, किलों और महलों की गरिमा को वैश्विक पटल पर ले जाने के लिए दुनिया के 25 प्रमुख देशों में सघन अभियान चलाया जाएगा। सचिव ने बताया कि इस बार प्रचार की रणनीति में बदलाव करते हुए डिजिटल और हाई-विजिबिलिटी प्लेटफॉर्म्स को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, बेंगलुरु, कोलकाता और हैदराबाद जैसे महानगरों की मेट्रो ट्रेनों और लंबी दूरी की रेलगाड़ियों को राजस्थान की थीम पर सुसज्जित किया जाएगा। साथ ही, गूगल सर्च, सोशल मीडिया और प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म्स जैसे जियो, हॉटस्टार, अमेजन प्राइम और सोनी लिव पर भी राजस्थान पर्यटन की उपस्थिति दर्ज कराई जाएगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'कोंडे नास्ट ट्रैवलर', 'ट्रैवल लीजर' और 'आउटलुक ट्रैवलर' जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं के माध्यम से विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया जाएगा।

मुलाकात के दौरान अशोक माहेश्वरी ने हाड़ौती की पर्यटन क्षमता को रेखांकित करते हुए कहा कि गडरिया महादेव, चंबल रिवर फ्रंट, गागरोन का किला और रामगढ़ क्रेटर जैसे अद्भुत स्थल वैश्विक पहचान के हकदार हैं। उन्होंने जानकारी दी कि जनवरी 2026 में आयोजित प्रथम "कोटा हाड़ौती ट्रैवल मार्ट" की सफलता से क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। इसी निरंतरता को बनाए रखने के लिए 7 से 10 जनवरी 2027 तक "कोटा हाड़ौती ट्रैवल मार्ट-2" के भव्य आयोजन की योजना विभाग को सौंपी गई है। पर्यटन सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि राज्य के पर्यटन मानचित्र पर हाड़ौती की अनदेखी नहीं होगी और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए विभाग हर संभव ठोस कदम उठाएगा। यह पहल न केवल राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को संवर्धित करेगी, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी।

Pratahkal HQ

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