मुख्यमंत्री ओटीएस योजना: कोटा भूमि विकास बैंक ने 31 मार्च तक बढ़ाई अवधि
कोटा सहकारी भूमि विकास बैंक की बैठक में मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत योजना की अवधि बढ़ाने और 845.26 लाख रुपये की राहत प्रदान करने का निर्णय लिया गया।

कोटा सहकारी भूमि विकास बैंक के प्रधान कार्यालय में आयोजित संचालक मंडल की बैठक के दौरान अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ और अन्य पदाधिकारी ऋण वितरण एवं ओटीएस योजना की समीक्षा करते हुए।
ऋण स्वीकृति एवं नवीन सदस्यता
- बैठक में 16 नए कृषको सदस्ता प्रदान की गई।
- 12 किसानो को 46.40 लाख रूपये का ऋण स्वीकृत किया गया।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारी एवं गणमान्य अतिथि
बैठक में उप रजिस्ट्रार सहकारिता विभाग राजेश कुमार मीणा, संयुक्त निदेशक कृषि विभाग डॉ. अतिश कुमार शर्मा, बैंक उपाध्यक्ष भंवर सिंह हाड़ा तथा संचालक निहाल सिंह राठौड़, डॉ. प्राची दीक्षित, राधाकिशन मीणा, मुकेश मीणा, जगदीश प्रसाद मीणा, जगदीश शर्मा, बाबूलाल बैरवा, मांगीलाल मेहरा एवं बैंक सचिव ऋतु सपरा (उप रजिस्ट्रार) उपस्थित रहे।
सरकार के प्रति आभार एवं योजना का महत्व
संचालक मंडल ने योजना की अवधि बढ़ाने पर माननीय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एवं सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक के प्रति आभार व्यक्त किया। अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा बजट वर्ष 2025-26 में घोषित 200 करोड़ रुपये की मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत ओटीएस योजना भूमि विकास बैंकों के अवधिपार ऋणियों को मुख्यधारा में लाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रही है।
योजना की प्रगति और वसूली के आंकड़े
अध्यक्ष ने बताया कि 10 फरवरी 2026 तक बैंक द्वारा योजना के अंतर्गत:
- 371 ऋणियों को 845.26 लाख रुपये की ब्याज राहत प्रदान की जा चुकी है।
- 1250.69 लाख रुपये की वसूली सुनिश्चित की गई है।
अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ की अपील एवं निर्देश
"श्री राठौड़ ने आंशिक राशि जमा कर चुके एवं पूर्णतः पात्र वंचित ऋणी सदस्यों से अपील की कि वे 31 मार्च 2026 से पूर्व मूलधन एवं चालू ब्याज जमा कर योजना का लाभ उठाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में योजना के पुनः लागू होने की संभावना नहीं है।"
अध्यक्ष ने शाखा प्रबंधकों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र ऋणी योजना से वंचित न रहे और शत-प्रतिशत प्रकरणों में राहत सुनिश्चित की जाए। कमजोर आर्थिक स्थिति वाले ऋणियों को पुनः ऋण देकर मुख्यधारा में जोड़ा जाए।
शाखावार प्रगति एवं वैधानिक कार्यवाही की चेतावनी
बैंक सचिव ऋतु सपरा ने बताया कि 1 अप्रैल 2025 से 10 फरवरी 2026 तक की प्रगति में शाखा रामगंजमंडी प्रथम तथा शाखा सांगोद द्वितीय स्थान पर रही है।
उन्होंने सभी शाखा प्रबंधकों को 31 मार्च 2026 तक शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जो ऋणी योजना का लाभ लेने में रुचि नहीं ले रहे हैं, उनके विरुद्ध राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम, 2001 की धारा 99/100/103 के अंतर्गत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
