विधायक संदीप शर्मा ने मंगलवार को विधानसभा में ऑजस सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी कर 01 करोड़ से अधिक के गबन का मामला उठाया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि "गबन के कारण जिन पात्र लाभार्थियों को राशि नहीं मिल सकी है उन्हें योजना का पूरा लाभ प्रदान किया जाए तथा भविष्य में सॉफ्टवेयर का संचालन कर लाभार्थियों के खाते में राशि जमा करवाने का काम जिम्मेवार अधिकारियों को सौंपा जाए।"


गबन का विवरण और प्रभावित चिकित्सालय

विधायक शर्मा ने चिकित्सा मंत्री से पूछा कि चिकित्सा विभाग की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सीधे खाते में भुगतान करने वाले ओजस सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी कर गबन करने के कितने मामले सामने आए। इसके उत्तर में बताया गया है कि प्रदेश के 10 चिकित्सालयों में विभाग के पीसीटीएस डेटा ऐन्ट्री सॉफ्टवेयर पर कूटरचित प्रविष्टियां कर ओजस सॉफ्टवेयर के माध्यम से कुल 1,00,20,986 का गबन किया गया।

  • बारां जिला: सीएचसी हरनावदा शाहजी में 3,64,154
  • बाडमेर जिला: सीएचसी चवा में 4,68,800 एवं सीएचसी भाडखा में 32,532
  • डूंगरपुर जिला: सीएचसी-आसपुर में 1,57,846
  • झालावाड जिला: पीएचसी-चुरेलिया में 12,12,500 एवं सीएचसी-खानपुर में 46,010
  • जोधपुर जिला: सैटेलाईट अस्पताल-बनाड में 89,454 एवं मथुरादास माथुर मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में 9,42,447
  • कोटा जिला: मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध जिला अस्पताल रामपुरा में 66,16,793
  • उदयपुर जिला: उप जिला अस्पताल कोटड़ा में 90,450

दोषी कार्मिकों पर कार्यवाही और वसूली

दोषी कार्मिकों के प्रश्न पर बताया गया है कि उक्त मामलों में 13 कार्मिकों को दोषी पाया गया है। कार्यवाही का विवरण निम्नानुसार है:

  • 9 दोषी कार्मिकों से 19.92 लाख की वसूली की जा चुकी है।
  • सभी 13 दोषी कार्मिकों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही की जा रही है।
  • 3 कार्मिकों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करवायी गयी है।

भविष्य में रोकथाम हेतु तकनीकी सुरक्षा और नए नियम

भविष्य में ऐसे मामलों की रोकथाम के प्रश्न पर बताया गया है कि ओजस सॉफ्टवेयर से हो रहे भुगतानों की राज्य एवं जिला स्तर से गहन निगरानी रखने हेतु प्रतिमाह भुगतानों की समीक्षा की जा रही है। भविष्य में इस तरह के मामलों पर पूर्णतयाः रोक लगाने के लिए सॉफ्टवेयरों में आवश्यक तकनीकी सुरक्षा के प्रावधान किये गये है।

"जिला स्तर से भुगतान अप्रूव करने से पूर्व सेम्पल आधार पर लाभार्थीयों से टेलीफोनिकली सम्पर्क कर सत्यापन किये जाने के उपरान्त ही भुगतान अग्रेषित किया जाना सुनिश्चित किया गया है।"

विभाग द्वारा ओजस सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली को और सुदृढ़ किया गया है जिसके तहत अधिकृत यूजर के पंजीकृत मोबाईल पर भेजे गये ओटीपी के उपरान्त ही लॉगइन किया जा सकता है।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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