देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 का परिणाम राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने गुरुवार देर रात घोषित कर दिया। घोषित परिणामों में एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों ने एक बार फिर उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए अपनी श्रेष्ठता साबित की है। अब तक उपलब्ध परिणामों के अनुसार टॉप-10 में एलन के 4 और टॉप-100 में 43 विद्यार्थी शामिल हैं।

जारी परिणामों में आर्यन गुप्ता और पंशुल बंसल ने संयुक्त रूप से 720 में से 715 अंक प्राप्त किए हैं। टाईब्रेकर नियमों की प्राथमिकता के आधार पर आर्यन गुप्ता को ऑल इंडिया रैंक-1 और पंशुल बंसल को ऑल इंडिया रैंक-2 घोषित किया गया है। आर्यन गुप्ता एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम से जुड़े हैं, जबकि पंशुल बंसल पिछले दो वर्षों से एलन के रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट हैं। इसके अलावा एलन के क्लासरूम स्टूडेंट आयुष भालोटिया ने 710 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक-4 प्राप्त की है, जबकि क्लासरूम स्टूडेंट गौरव सिंह ने ऑल इंडिया रैंक-9 हासिल की है।

एलन के सीईओ नितिन कुकरेजा ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि परिणामों में एलन ने एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। अब तक उपलब्ध परिणामों के अनुसार टॉप-10 में एलन के 4 और टॉप-100 में 43 विद्यार्थी शामिल हैं। इनमें 36 विद्यार्थी क्लासरूम प्रोग्राम से तथा 7 विद्यार्थी डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम (डीएलपी) और ऑनलाइन टेस्ट सीरीज से हैं। एनटीए ने 690 या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले टॉप-138 विद्यार्थियों की सूची अपनी प्रेस विज्ञप्ति में जारी की है, जिसमें एलन के 59 विद्यार्थी शामिल हैं। इनमें 50 क्लासरूम प्रोग्राम तथा 9 डिस्टेंस लर्निंग और ऑनलाइन टेस्ट सीरीज से जुड़े विद्यार्थी हैं।

हरियाणा के फरीदाबाद निवासी और एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के दो वर्षीय रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट पंशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक-2 हासिल की है। उनके पिता संजीव कुमार बंसल व्यापारी हैं, जबकि माता मोनिका बंसल कंपनी सेक्रेटरी हैं। पंशुल का जन्म 23 मार्च 2008 को हुआ। उन्होंने 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं में 94 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। वह जेईई मेन 2026 में भी शामिल हुए थे, जहां उन्होंने 99.5 परसेंटाइल स्कोर किया। पंशुल ने बताया कि उनका लक्ष्य शुरू से ही डॉक्टर बनना था। कक्षा 7 में ही उन्होंने विज्ञान लेकर मेडिकल क्षेत्र में जाने का निर्णय कर लिया था। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने कभी करियर को लेकर दबाव नहीं बनाया। उनके अनुसार छोटी उम्र में लक्ष्य तय करने से मजबूत फाउंडेशन और बेहतर कॉन्सेप्ट्स विकसित हुए। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में आगे बढ़ना है तो उसके प्रति पैशन होना जरूरी है। एलन में प्रवेश लेने के बाद उन्हें देशभर के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के बीच प्रतिस्पर्धा का वास्तविक अनुभव मिला, जिसने उन्हें लगातार प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि फैकल्टी का पूरा सहयोग मिला और उन्हें एडवांस स्तर पर पढ़ाया गया, जिससे नीट जैसे परीक्षा स्तर का सामना करना आसान हुआ। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय तक पढ़ाई नहीं करते थे, लेकिन जितना भी पढ़ते थे वह क्वालिटी स्टडी होती थी। वह थ्योरी की तुलना में प्रश्नों की प्रैक्टिस पर अधिक ध्यान देते थे। मनोरंजन के लिए वह संगीत सुनते हैं। उन्होंने पियानो की अंतरराष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं भी पास की हैं और रॉक स्कूल में ग्रेड-4 तथा ट्रिनिटी कॉलेज ऑफ लंदन में ग्रेड-2 का प्रमाणपत्र प्राप्त किया है।

बिहार के नवादा जिले के वरीसालीगंज निवासी आयुष भालोटिया ने 710 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक-4 प्राप्त की है। वह पिछले दो वर्षों से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट हैं और अपने परिवार ही नहीं बल्कि गांव के पहले डॉक्टर बनने जा रहे हैं। आयुष ने 10वीं में 96.2 प्रतिशत और 12वीं में 93.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। उनकी इस उपलब्धि से पूरे परिवार और वरीसालीगंज क्षेत्र में खुशी का माहौल है। आयुष के पिता सुनील कुमार भालोटिया सीमेंट और स्टील के व्यवसायी हैं, जबकि माता किरण देवी ने उनकी तैयारी के दौरान लगातार हौसला बढ़ाया। आयुष ने बताया कि बचपन से ही उनका सपना डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना था और इस सपने को साकार करने में एलन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि नियमित पढ़ाई, लगातार रिवीजन और नियमित टेस्ट उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह रहे। उनके अनुसार हर टेस्ट के बाद अपनी गलतियों का विश्लेषण कर उन्हें सुधारना बेहद जरूरी है। उन्होंने अपने बड़े भाई अर्पित भालोटिया का भी विशेष उल्लेख किया, जो आईआईटी दिल्ली से पास आउट हैं और वर्तमान में अमेरिका से पीएचडी कर रहे हैं। आयुष ने बताया कि तैयारी के दौरान कई बार मानसिक दबाव महसूस हुआ, लेकिन परिवार और एलन की फैकल्टी ने हमेशा सकारात्मक बनाए रखा। वह क्लासरूम के अलावा प्रतिदिन 7 से 8 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे और मनोरंजन के लिए शतरंज खेलते थे। उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी पर मजबूत पकड़, नियमित रिवीजन, मॉक टेस्ट को गंभीरता से देना, धैर्य, अनुशासन और निरंतर मेहनत ही किसी भी बड़े एग्जाम की सफलता की कुंजी है।

राजस्थान के अलवर जिले की मुंडावर तहसील स्थित गाडुवास गांव निवासी गौरव सिंह ने नीट 2026 में 720 में से 705 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक-9 हासिल की है। उनके पिता राजेश कुमार भारतीय सेना में हैं, जबकि माता सीमा देवी ने कोटा में रहकर उनकी और उनकी बड़ी बहन अनुजा की पढ़ाई का पूरा ध्यान रखा। गौरव का जन्म 1 अक्टूबर 2008 को हुआ। उन्होंने 10वीं में 92 प्रतिशत और 12वीं में 90 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। गौरव पिछले सात वर्षों से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट, कोटा के रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट रहे हैं। उनकी बड़ी बहन अनुजा ने भी 2022-23 में एलन कोटा से नीट की तैयारी की थी और वर्तमान में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज, अलवर से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। गौरव ने बताया कि बहन की मेहनत, अनुशासन और सफलता ने उन्हें डॉक्टर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि उनकी सफलता में परिवार का सबसे बड़ा योगदान है। तैयारी के दौरान उन्होंने नियमित क्लास अटेंड की, एनसीईआरटी को कई बार पढ़ा, लगातार रिवीजन किया और हर टेस्ट को पूरी गंभीरता से दिया। उन्होंने स्मार्टफोन का उपयोग किया, लेकिन उसका दुरुपयोग नहीं किया। क्लासरूम के अलावा वह प्रतिदिन 7 से 8 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे और मनोरंजन के लिए क्रिकेट खेलते थे। उनका कहना है कि उन्होंने केवल वही किया जो फैकल्टी ने बताया और हर टेस्ट के बाद अपनी गलतियों का विश्लेषण कर उन्हें सुधारना ही उनकी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी रहा।

एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के इन परिणामों ने एक बार फिर मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 में संस्थान की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है, जहां टॉप रैंक से लेकर टॉप-100 और 690 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की सूची में भी संस्थान का उल्लेखनीय प्रदर्शन देखने को मिला।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story