नीट यूजी 2026 परीक्षा संपन्न: फिजिक्स रहा कठिन, जानें संभावित रैंक
चिकित्सा प्रवेश परीक्षा में 95% सवाल एनसीईआरटी से रहे, विशेषज्ञ नितिन विजय ने बताया कि फिजिक्स के वैचारिक प्रश्नों और लेंदी बॉटनी पेपर ने बढ़ाई अभ्यर्थियों की चुनौती।

मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 रविवार को देशभर में संपन्न हुई, जिसका प्रारंभिक विश्लेषण इस बार के प्रश्नपत्र को पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ा आसान लेकिन समय प्रबंधन के लिहाज से चुनौतीपूर्ण बता रहा है। परीक्षा का समग्र स्तर मध्यम रहा, जिसमें लगभग 95 प्रतिशत सवाल पूरी तरह एनसीईआरटी पर आधारित रहे, हालांकि बायोलॉजी और केमिस्ट्री में 2-3 प्रश्नों ने अपनी अस्पष्टता और 'बॉर्डरलाइन आउट-ऑफ-एनसीईआरटी' प्रकृति के कारण छात्रों को उलझाया। मोशन एजुकेशन के फाउंडर एवं विख्यात एजुकेटर नितिन विजय ने परीक्षा के बाद स्पष्ट किया कि एनटीए ने इस बार भी यह संकेत दे दिया है कि केवल पाठ्यपुस्तकें पढ़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कॉन्सेप्ट क्लैरिटी, स्पीड और एग्जाम टेम्परामेंट ही मेरिट में स्थान तय करेंगे। उनके अनुसार, पेपर संतुलित होने के बावजूद उन छात्रों के लिए रेस कठिन हो गई जिन्होंने गति और सटीकता के बीच का संतुलन खो दिया।
इस वर्ष फिजिक्स एक बार फिर 'रैंक डिफरेंशिएटर' के रूप में उभरा, जहां मैकेनिक्स, इलेक्ट्रोडायनामिक्स और मॉडर्न फिजिक्स के वैचारिक सवालों ने अभ्यर्थियों की कड़ी परीक्षा ली। फिजिक्स खंड में न्यूमेरिकल और थ्योरी का अनुपात 60:40 का रहा। केमिस्ट्री में भी फिजिकल केमिस्ट्री की गणनाओं ने छात्रों का काफी समय लिया, जबकि इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री पूर्णतः एनसीईआरटी के दायरे में रही। बायोलॉजी को यद्यपि स्कोरिंग माना गया, किंतु बॉटनी सेक्शन में असर्शन-रीज़न और स्टेटमेंट-बेस्ड प्रश्नों की संख्या 30 से अधिक होने के कारण पेपर अत्यंत लेंदी और एनालिटिकल हो गया। डायग्राम और मैच-द-कॉलम वाले मल्टी-कॉन्सेप्ट प्रश्नों ने फ्रेशर्स के लिए बड़ी चुनौती पेश की, जबकि यह पेपर उन ड्रॉपर्स के लिए अनुकूल रहा जिन्होंने पिछली गलतियों से सीखकर टेस्ट प्रैक्टिस पर ध्यान केंद्रित किया था। नितिन विजय ने आगामी अभ्यर्थियों को 'एनसीईआरटी को जीने' की सलाह देते हुए कहा कि बायोलॉजी को 45 मिनट और फिजिक्स को 70-80 मिनट देने की रणनीति ही सफलता की कुंजी है।
रैंक प्रेडिक्शन के विश्लेषण में यह तथ्य सामने आया है कि 650 से अधिक स्कोर पर टॉप 5,000 से 8,000 रैंक मिलने की संभावना है, जबकि 600 से अधिक अंकों पर 25,000 से 30,000 रैंक तक का अनुमान है। वहीं, 550 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र स्टेट कोटा के माध्यम से सरकारी मेडिकल कॉलेज की उम्मीद कर सकते हैं। मोशन एजुकेशन ने परीक्षा के मात्र दो घंटे बाद ही अनौपचारिक आंसर-की जारी कर दी है ताकि छात्र अपने अंकों की गणना कर सकें। इसके अतिरिक्त, छात्रों की सुविधा हेतु मोशन की वेबसाइट पर नीट रैंक और कॉलेज प्रिडिक्टर भी उपलब्ध कराया गया है। भारत के 820 से अधिक मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध एमबीबीएस की 1 लाख 29 हजार से ज्यादा सीटों समेत कुल 2.65 लाख सीटों पर इस परीक्षा के जरिए प्रवेश होगा। इनमें सरकारी कॉलेजों की 63,000 और निजी क्षेत्र की 65,000 सीटों के साथ बीडीएस, आयुष और नर्सिंग की सीटें भी शामिल हैं। अंततः नीट 2026 ने यह प्रमाणित कर दिया है कि सफलता केवल सिलेबस पूरा करने से नहीं, बल्कि रणनीति और कौशल के समन्वय से ही संभव है।

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