नीट यूजी 2026: नितिन विजय ने छात्रों को दिया 36 दिनों का तैयारी मंत्र
मोशन एजुकेशन के संस्थापक ने परीक्षा की शुचिता के लिए सेना की मदद और भविष्य में ऑनलाइन मोड अपनाने का सुझाव दिया।

मोशन एजुकेशन के फाउंडर और विख्यात शिक्षक नितिन विजय ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा को आगामी 21 जून को पुनः आयोजित करने के निर्णय पर अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस घड़ी में विद्यार्थियों को मानसिक रूप से सुदृढ़ रहने की सलाह देते हुए अपील की है कि वे पेपर लीक से संबंधित विवादों और निरर्थक चर्चाओं में अपना समय व्यर्थ करने के बजाय, आगामी 36 दिनों की शेष तैयारी पर अपनी पूरी एकाग्रता केंद्रित करें। नितिन विजय ने रेखांकित किया कि देशभर के लाखों छात्रों की वर्षों की कठिन मेहनत और उनका भविष्य इस परीक्षा के परिणामों पर टिका है, अतः वर्तमान परिस्थितियों में परीक्षा की विश्वसनीयता और शुचिता बनाए रखना ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) से अपेक्षा जताई है कि आगामी परीक्षा का आयोजन पूर्ण पारदर्शिता और कठोर अनुशासन के साथ किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उन्होंने एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया कि प्रश्नपत्रों की प्रिंटिंग, उनके परिवहन और वितरण की संवेदनशील प्रक्रिया में भारतीय सेना या केंद्रीय सुरक्षा बलों की सहायता ली जानी चाहिए, जिससे पेपर लीक जैसी आपराधिक घटनाओं की संभावना को पूर्णतः समाप्त किया जा सके।
नीट-यूजी परीक्षा के भविष्य को लेकर नितिन विजय ने अगले वर्ष से इस परीक्षा को ऑनलाइन मोड में आयोजित करने के फैसले का पुरजोर स्वागत किया। उन्होंने इसे समय की अनिवार्य आवश्यकता बताते हुए कहा कि जेईई मेन का सफल उदाहरण हमारे सामने है, जहां कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली ने पेपर लीक और नकल की आशंकाओं को न्यूनतम कर दिया है। उनके अनुसार, मल्टीपल शिफ्ट और परसेंटाइल सिस्टम के माध्यम से लाखों अभ्यर्थियों की परीक्षा को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने इस तकनीकी बदलाव के सामाजिक पहलुओं पर भी जोर दिया और कहा कि ऑनलाइन परीक्षा लागू करने से पूर्व ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों को पर्याप्त कंप्यूटर एक्सपोजर और मॉक टेस्ट की सुविधा प्रदान करना अनिवार्य होगा। इसके लिए उन्होंने सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में विशेष अभ्यास सत्र आयोजित करने का प्रस्ताव रखा ताकि विद्यार्थियों के मन से तकनीकी घबराहट को दूर किया जा सके। अंत में, नितिन विजय ने एनटीए के बुनियादी ढांचे और मॉनिटरिंग सिस्टम को सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इतनी विशाल राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के सफल संचालन के लिए बेहतर आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, सुदृढ़ विजिलेंस प्रणाली और एक अनुभवी थिंक टैंक का होना अनिवार्य है, जो परीक्षा की गरिमा को अक्षुण्ण रख सके।

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