NEET 2026: फिजिक्स के एक प्रश्न पर विवाद, एक्सपर्ट्स ने जताई आपत्ति
एनटीए द्वारा जारी प्रोविजनल आंसर-की में फिजिक्स के सिग्नीफिकेंट फीगर वाले सवाल पर विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक नियमों के उल्लंघन का दावा किया है।

कोटा। एनटीए द्वारा आयोजित देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट 2026 की प्रोविजनल आंसर-की बुधवार को जारी कर दी गई। इसके साथ ही विद्यार्थियों को आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर भी प्रदान किया गया है। आंसर-की जारी होने के बाद विद्यार्थियों ने अपने-अपने उत्तरों का मिलान किया, जिसके बाद फिजिक्स विषय के एक प्रश्न को लेकर गंभीर आपत्ति सामने आई है।
एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोटा के प्रेसिडेंट विनोद कुमावत ने बताया कि प्रोविजनल आंसर-की में फिजिक्स के एक प्रश्न के उत्तर को लेकर विद्यार्थियों ने आपत्ति दर्ज कराई है। यह प्रश्न सिग्नीफिकेंट फीगर टॉपिक से संबंधित था। विद्यार्थियों एवं विषय विशेषज्ञों के अनुसार एनटीए द्वारा जारी उत्तर वैज्ञानिक गणनाओं के नियमों के अनुरूप नहीं है, जिस कारण देशभर के विद्यार्थियों ने एनटीए को आपत्तियां भेजी हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार प्रश्न में गणना करने पर एक्स का मान 7.654 प्राप्त होता है। सिग्नीफिकेंट फीगर के नियमों के अनुसार यदि इसे दो सिग्नीफिकेंट फीगर तक राउंड ऑफ किया जाए तो सही उत्तर 7.7 होना चाहिए, जबकि एनटीए की प्रोविजनल आंसर-की में इसका उत्तर 7.6 दिया गया है। विषय विशेषज्ञों का कहना है कि निर्धारित वैज्ञानिक नियमों के अनुसार 7.654 को दो सिग्नीफिकेंट फीगर तक व्यक्त करने पर अंतिम उत्तर 7.7 ही मान्य होता है। इसी आधार पर विद्यार्थियों ने उत्तर में संशोधन की मांग की है।
यह प्रश्न कोड 11 में प्रश्न संख्या 14, कोड 12 में प्रश्न संख्या 21, कोड 13 में प्रश्न संख्या 42 तथा कोड 14 में प्रश्न संख्या 35 के रूप में दर्ज है। इस पूरे मामले ने आंसर-की की शुद्धता और वैज्ञानिक नियमों के अनुपालन को लेकर देशभर में चर्चा तेज कर दी है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
