कोटा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा नीट परीक्षा के आयोजन में सुधारों को लेकर की गई हालिया घोषणाओं का एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट ने पुरजोर स्वागत किया है। इस महत्वपूर्ण कदम को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़े और सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नितिन कुकरेजा ने इन नीतिगत निर्णयों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा समय रहते लिए गए ये निर्णय न केवल स्वागत योग्य हैं, बल्कि देश के लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य को सुरक्षित और तनावमुक्त बनाने की दिशा में बेहद सहायक साबित होंगे।

संस्थान के सीईओ नितिन कुकरेजा ने आधिकारिक वक्तव्य जारी कर कहा कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा सबसे पहले तो समय रहते हुए परीक्षा को पुनः आयोजित करवाने का निर्णय अत्यंत उचित रहा। इसके साथ ही बिना किसी संशय के पुनः परीक्षा की अगली तिथि की घोषणा भी तत्काल कर दी गई, जिससे असमंजस की स्थिति समाप्त हुई। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि अगले वर्ष से कंप्यूटर बेस्ड मोड (CBT) पर परीक्षा करवाने का फैसला स्वागत योग्य है। इस आधुनिक प्रणाली से आगामी समय में परीक्षा ज्यादा बेहतर और त्रुटिहीन तरीके से आयोजित करवाई जा सकेगी, जिससे संपूर्ण परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता आएगी तथा देश के विद्यार्थियों और अभिभावकों में राष्ट्रीय स्तर की इस परीक्षा के प्रति विश्वास पुनः सुदृढ़ होगा।

इस संवेदनशील विषय के दूरगामी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कुकरेजा ने आगे कहा कि नीट एक अत्यंत व्यापक और बड़ी परीक्षा है, जिससे देश के लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों का गहरा विश्वास और भविष्य जुड़ा हुआ है। ऐसे महत्वपूर्ण मोड़ पर परीक्षा व्यवस्था में व्यापक स्तर पर सुधार होने चाहिए और यह सुधारात्मक प्रक्रिया टुकड़ों में होने के बजाय एक साथ, एक ही बार में पूर्ण की जानी चाहिए। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक सुव्यवस्थित करने के लिए एक महत्वपूर्ण विधिक एवं नीतिगत सुझाव भी साझा किया। कुकरेजा के अनुसार, इस पूरी परीक्षा प्रक्रिया को दो भागों में विभाजित किया जा सकता है, जिसके तहत जेईई (JEE) की तर्ज पर नीट मेंस (NEET Main) एवं नीट एडवांस्ड (NEET Advanced) का आयोजन किया जाना चाहिए। इस व्यवस्था में नीट एडवांस्ड के माध्यम से एम्स (AIIMS) जैसे देश के सर्वाधिक प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश दिया जाए, जबकि नीट-मेंस के प्राप्तांकों के आधार पर अन्य चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रवेश की पात्रता तय की जाए।

इसके साथ ही, विद्यार्थियों में परीक्षा के अत्यधिक मानसिक तनाव को कम करने के लिए एक और व्यावहारिक सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि नीट मेंस परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित की जानी चाहिए। इससे परीक्षार्थियों पर से एक ही प्रयास का मानसिक दबाव कम होगा और दो अवसर प्राप्त होने से वे अधिक आत्मविश्वास के साथ बेहतर प्रदर्शन के लिए स्वयं को तैयार कर सकेंगे। उन्होंने देश के समस्त चिकित्सा क्षेत्र के अभ्यर्थियों को आश्वस्त करते हुए अंत में कहा कि एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट परीक्षा के इस नए घोषित स्वरूप के अनुसार विद्यार्थियों को सर्वश्रेष्ठ तैयारी करवाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। परीक्षा के बदलते पैटर्न के अनुरूप विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन और अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाना एलन संस्थान की सदैव ही सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और भविष्य में भी रहेगी।

Pratahkal HQ

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