णमोकार महामंत्र जाप से अनुगूंजित कोटा, श्रुत पंचमी पर भक्तिभाव से निकलेगी भव्य शोभायात्रा
कोटा के श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में णमोकार महामंत्र जाप अनुष्ठान की गूंज से भक्ति का माहौल, श्रुत पंचमी पर भव्य शोभायात्रा की तैयारी। क्या यह आयोजन बदल पाएगा जनमानस की चेतना? जानिए इस आध्यात्मिक अनुष्ठान और आगामी कार्यक्रमों का विस्तृत विवरण।

कोटा स्थित श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित णमोकार महामंत्र जाप अनुष्ठान के दौरान आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माताजी को भेंट अर्पित करते श्रद्धालु।
कोटा के रिद्धि-सिद्धि नगर स्थित श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर इन दिनों आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति के केंद्र में तब्दील हो गया है। यहां आयोजित पांच दिवसीय णमोकार महामंत्र जाप अनुष्ठान के चौथे दिन धर्म की अविरल धारा बहती नजर आई। परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्याभूषण सन्मति सागर जी महाराज की परम शिष्या एवं भारत गौरव गणिनी आर्यिका रत्न 105 श्री स्वस्ति भूषण माताजी के पावन सान्निध्य में संपन्न हो रहे इस आयोजन में विश्व शांति और जीव कल्याण की भावना के साथ लाखों णमोकार महामंत्रों का जाप किया जा रहा है, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया है।
अनुष्ठान के मुख्य पड़ाव के रूप में अब श्रुत पंचमी के पावन पर्व की तैयारी पूर्ण कर ली गई है। मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र गोधा एवं मंत्री पंकज खटोड़ ने जानकारी दी कि 20 जून को प्रातः 7 बजे एक भव्य श्रुत पंचमी शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा। इस धार्मिक जुलूस के उपरांत ठीक प्रातः 7:30 बजे श्रुत पंचमी विधान संपन्न होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होकर धर्म लाभ अर्जित करेंगे। यह आयोजन न केवल धार्मिक श्रद्धा का केंद्र है, बल्कि सामूहिक सहभागिता के माध्यम से समाज को संगठित करने का एक सशक्त माध्यम भी सिद्ध हो रहा है।
अपने ओजस्वी प्रवचनों के माध्यम से आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माताजी ने स्वाध्याय की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि जैन परंपरा में भक्तामर पाठ, बारह भावना, सोलह कारण और आगम ग्रंथों का अध्ययन आत्मिक उन्नति का आधार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शास्त्रों का बार-बार अध्ययन व्यक्ति की स्मरण शक्ति को तीव्र करता है और चिंतन के नए द्वार खोलता है। माताजी ने प्रत्येक व्यक्ति को जीवनभर विद्यार्थी बने रहने की प्रेरणा देते हुए कहा कि ज्ञान ही वह वास्तविक धन है जो संसार के हर क्षेत्र में सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। इस अनुष्ठान में सकल दिगंबर जैन समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक और सेवानिवृत्त न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। यह आयोजन आने वाले समय में भी आध्यात्मिक जागृति की अलख जगाता रहेगा और धर्म की प्रभावना को निरंतर नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

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