श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के पावन अवसर पर महाराजा श्री अग्रसेन सोशल ग्रुप की ओर से नाग पंचमी का पर्व पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ हर्षोल्लास से मनाया गया। ग्रुप की चेयरपर्सन पुष्पा गर्ग के नेतृत्व में अग्रवाल समाज की महिलाओं ने एकत्रित होकर नाग-नागिन के जोड़े और पथ-पथवारी का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया तथा परिवार एवं समाज की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

पूजन कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए नाग देवता की आराधना की। अग्रवाल समाज की मान्यताओं के अनुसार, समाज के कुलपिता महाराजा अग्रसेन जी का विवाह नागवंश की राजकुमारी माधवी के साथ हुआ था। इसी ऐतिहासिक और पौराणिक संबंध के कारण अग्रवाल समाज नागवंश को अपना आत्मीय संबंधी मानता है। इसी परंपरा के तहत अग्रवंश में नाग पंचमी का पर्व विशेष श्रद्धा के साथ मनाया जाता है और नाग राजा के साथ इस अनूठे रिश्ते को स्मरण किया जाता है।

नाग पंचमी के अवसर पर महिलाओं ने एक दिन पूर्व तैयार किए गए भोजन (बासोड़ा/ठंडा) को नाग देवता को भोग के रूप में अर्पित किया। इसके बाद सभी महिलाओं ने ठंडे भोजन का ही सेवन किया। पूजा-अर्चना पूर्ण होने के बाद महिलाओं ने एक-दूसरे के चरण स्पर्श कर (पगा लग कर) आशीर्वाद लिया तथा बड़े-बुजुर्गों से सुख-समृद्धि का शुभाशीष प्राप्त किया।

कार्यक्रम में नाग देवता से जुड़ी पौराणिक कथाओं के साथ अग्रवंश और नागवंश के संबंधों की कहानियां भी सुनी और सुनाई गईं। इस धार्मिक आयोजन में चेयरपर्सन पुष्पा गर्ग के साथ महक अग्रवाल, नीतू अग्रवाल, शालू अग्रवाल, सरोज, सूक्ष्मा, रजनी और बिंदू सहित अग्रवाल समाज की अनेक गणमान्य महिलाएं मौजूद रहीं।

सभी महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भक्तिभाव के साथ पूजन संपन्न किया और समाज में भाईचारे, सुख-शांति एवं प्रगति का संदेश दिया। नाग पंचमी का यह आयोजन अग्रवाल समाज की धार्मिक आस्था और पारंपरिक मूल्यों को प्रतिबिंबित करने वाला रहा।

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